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संगीन केस के गवाह वकीलों को मिलेंगे शस्त्र लाइसेंस

Mon, 25 Apr 2016 01:45 PM IST
ब्यूरो/अमरउजाला, लखनऊ
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बंदूक - फोटो : demo pic
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संगीन मुकदमे में वादी या गवाह वकील अगर असलहा लाइसेंस चाहते हैं, तो उन्हें प्राथमिकता पर लाइसेंस दिया जाएगा। वकीलों की समस्याओं और सुरक्षा के मद्देनजर रविवार को डीएम राजशेखर की अध्यक्षता में हुई बैठक में यह फैसला किया गया। 
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सुरक्षा के सवाल पर डीएम ने वकीलों को जमीन के झगड़ों से दूर रहने व जमीन कब्जा करने वाले बिल्डरों, प्रॉपर्टी डीलरों के गिरोहों से दूर रहने की सलाह दी। 

डीएम ने कहा कि कुछ प्रॉपर्टी डीलर व बिल्डरों के गिरोह विवादित जमीनों पर कब्जे में वकीलों की मौजूदगी का लाभ उठाने के प्रयास में रहते हैं। इससे बचना होगा।
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उन्होंने कहा कि कोई भी वकील किसी संगीन मुकदमे का वादी या गवाह है और शस्त्र लाइसेंस चाहता है तो आवेदन के साथ केस का ब्योरा देने पर वरीयता के आधार पर लाइसेंस जारी किया जाएगा। 

कहा कि किसी को भी जानमाल के खतरे का अंदेशा हो तो तुरंत पुलिस या प्रशासन के अधिकारी को बताए। सुरक्षा का इंतजाम किया जाएगा।  पीड़ित परिवारों की सुरक्षा का खास ध्यान रखा जा रहा है। 
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जान माल की सुरक्षा के लिए उठाया कदम

वकीलों की सुरक्षा का होगा इंतजाम - फोटो : demo pic
वकीलों की हत्या के मामलों पर चर्चा शुरू होने पर एसएसपी राजेश कुमार पांडेय ने पांच वकीलों की हत्या का जिक्र किया, लेकिन पदाधिकारियों ने मुन्ना बजरंगी के साले पुष्पजीत सिंह को राजधानी की किसी भी बार एसोसिएशन से जुड़ा न होने की बात कही।

एसएसपी ने कहा कि वकीलों की हत्या के शेष चार मामलों में तीन का खुलासा हो चुका है। इनमें दो ट्रायल पर हैं, जबकि संजय शर्मा हत्याकांड के आरोपी जेल भेजे जा चुके हैं। नाका क्षेत्र में वकील श्रवण कुमार की हत्या का खुलासा होना शेष है। 

एसएसपी राजेश कुमार पांडेय, सभी एडीएम व एएसपी और डिप्टी एसपी एलआईयू के साथ लखनऊ व सेंट्रल बार एसोसिएशन के पदाधिकारी मौजूद थे।

दोनों बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने डीएम व एसएसपी से अपील की कि दस फरवरी को स्वास्थ्य भवन के कर्मचारियों व वकीलों के बीच हिंसक झड़प में निर्दोष अधिवक्ताओं को न पकड़ा जाए और न ही उनके नाम शामिल किए जाएं। 

इस पर अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि सीसीटीवी फुटेज, फोटो, वीडियो रिकार्डिंग व अन्य ठोस साक्ष्यों के आधार पर ही गिरफ्तारी की जा रही है। 
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