काउंसलिंग प्रभारी डॉ.बीडी सिंह ने बताया कि पहली काउंसलिंग से आवंटित सीट यदि सेकंड काउंसलिंग में दोबारा मिलती है तो ऐसे अभ्यर्थियों को संबंधित नोडल सेंटर पर रिपोर्ट करना जरूरी है। यदि ऐसा नहीं किया गया तो आवंटन स्वयं निरस्त हो जाएगा। पूर्व की आवंटित सीट भी नहीं रहेगी।
नीट पीजी-2019 की सेकंड काउंसलिंग के बाद सरकारी मेडिकल कॉलेजों की 52 और निजी मेडिकल कॉलेजों की 371 सीटें रिक्त हैं। वहीं, निजी डेंटल कॉलेज की 105 सीटें खाली रह गई हैं। इन सीटों को मई के दूसरे सप्ताह में होने वाली मॉप अप राउंड की काउंसलिंग से भरने का प्रयास किया जाएगा।
काउंसलिंग प्रभारी डॉ. बीडी सिंह ने बताया कि सरकारी मेडिकल कॉलेजों में नॉन क्लीनिकल विषयों फॉर्माकोलॉजी, फिजियोलॉजी और एनॉटमी आदि विषयों की सीटें रिक्त हैं।