राज्य सरकार दो वर्षीय कोर्स बीटीसी में दाखिले की प्रक्रिया बदलने जा रही है। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) और निजी कॉलेज बीटीसी में दाखिले के लिए कॉलेजवार ऑनलाइन आवेदन लिए जाएंगे।
इसके आधार पर मेरिट जारी करते हुए दाखिला दिया जाएगा। निजी कॉलेज प्रबंधन कोटे के दाखिले में आरक्षण नियमों का पालन करेगा व शासन से तय फीस ही लेंगे। सचिव बेसिक शिक्षा एचएल गुप्ता की अध्यक्षता में सोमवार को हुई बैठक में इस पर सहमति बन गई है।
राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) से इसका प्रस्ताव मांगते हुए जल्द आदेश जारी करने की तैयारी है। नई व्यवस्था शैक्षिक सत्र 2014-15 से ही लागू करने की तैयारी है।
प्रदेश के प्राइमरी स्कूलों में शिक्षक भर्ती की योग्यता स्नातक और बीटीसी है। नतीजतन बीटीसी करने वालों की मारामारी रहती है। मौजूदा समय बीटीसी की 45,200 सीटें हैं। इसमें डायटों में 10,450 और 695 निजी बीटीसी कॉलेजों में 34,750 सीटें हैं।
इसलिए किये जा रहे बदलाव
एससीईआरटी दाखिले के लिए राज्य स्तर पर ऑनलाइन आवेदन लेते हुए मेरिट जारी करता है। टॉप मेरिट वालों को डायटों व कम मेरिट वालों को निजी कॉलेजों में दाखिला देने की व्यवस्था है।
एससीईआरटी के निर्देश पर ही डायट निजी कॉलेजों में छात्रों को दाखिले के लिए भेजते हैं। संबद्धता देने का चूंकि कोई कैलेंडर नहीं है लिहाजा निजी कॉलेजों में छात्रों को सालभर भेजा जाता रहता है।
कभी-कभार तो स्थिति यह हो जाती है कि समय से छात्र न मिलने से कॉलेज प्रबंधन हाईकोर्ट में चला जाता है। इसलिए दाखिले की प्रक्रिया बदलने पर सहमति बनी है।
नई व्यवस्था
= डायट व कॉलेज अलग-अलग लेंगे ऑनलाइन आवेदन
= आवेदन के आधार पर कॉलेजवार मेरिट का होगा निर्धारण
= मेरिट बनाने में आरक्षण नियमों का होगा पालन
= सीट खाली रहने पर एससीईआरटी की नहीं होगी जवाबदेही
= सरकार से निर्धारित फीस से अधिक नहीं ले सकेंगे कॉलेज
बदलाव की जरूरत
निजी कॉलेजों को समय से छात्र न मिलने पर कॉलेज प्रबंधन हाईकोर्ट में मुकदमा दाखिल कर देते हैं। इसके चलते एससीईआरटी को बेवजह परेशानियों का सामना करना पड़ता है और वह अपना मूल काम पाठ्यक्रमों का निर्धारण नहीं कर पाता है।
इसलिए दाखिला प्रक्रिया बदलने पर सहमति बनी है। नई व्यवस्था से दाखिला देने की सारी जिम्मेदारी कॉलेज प्रबंधन की होगी और सीट खाली रहने पर एससीईआरटी की कोई जवाबदेही नहीं होगी।
निजी कॉलेजों में 41 हजार रुपये होगी फीस
निजी बीटीसी कॉलेजों की फीस करीब 41 हजार रुपये सालाना तय करने पर सहमति लगभग बन चुकी है। राज्य स्तरीय समिति के सुझाव पर शासन इस संबंध में शीघ्र ही आदेश जारी करने वाला है।
आदेश जारी होने के बाद निजी कॉलेज प्रबंधन तय फीस ही ले सकेगा। अधिक फीस लेने की शिकायत पर संबंधित कॉलेज के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इसमें उसकी संबद्धता भी समाप्त की जा सकती है।
रिक्त सीटों पर दाखिला जल्द
शासन स्तर पर सोमवार को हुई बैठक में सत्र 2013-14 की रिक्त करीब 10,500 सीटों पर जल्द ही दाखिले की प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश दिया गया है।
एससीईआरटी और एनआईसी के अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे बैठक कर रिक्त सीटों को भरने की प्रक्रिया जल्द शुरू करें।