प्रदेश में दुष्प्रचार करके माहौल खराब करने की कोशिश पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए सोशल साइट्स पर विशेष नजर रखी जा रही है। इसके लिए प्रदेश में दो प्रयोगशालाएं स्थापित करके इन पर विशेषज्ञों को लगाया गया है। प्रभावी कार्रवाई के लिए पुलिस के साथ ही एसटीएफ को भी लगाया गया है।
बुधवार को यूपी के फैजाबाद पहुंचे प्रमुख सचिव गृह देवाशीष पांडा और डीजीपी जगमोहन सिंह यादव ने यह बात कही। उन्होंने सोशल मीडिया पर खुराफात करने वालों पर पैनी नजर रखने की बात भी कही।
एक सवाल के जवाब में प्रमुख सचिव ने कहा कि सोशल साइट्स की निगरानी के लिए मेरठ और लखनऊ में प्रयोगशालाएं स्थापित की गई है। मेरठ में डीआईजी और लखनऊ में वरिष्ठ अफसर इसकी मानीटरिंग के लिए लगाए गए हैं।
पुलिस और सीएम कार्यालय में अलग से व्यवस्था की गई है। इन प्रयोगशालाओं में इन पर आने वाले दुष्प्रचार के पोस्ट को हटवाने के साथ ही कानूनी कार्रवाई के लिए भी व्यवस्था की गई है।
डीजीपी ने कहा कि ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई है। वह छह माह से एक साल तक बाहर नहीं आ पाएंगे। दोनों अफसरों ने अभिभावकों से अपील की कि वह भी युवाओं के ऐसे कार्य पर नजर रखें।