यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने विधान परिषद में सरकार के कामकाज पर चर्चा की और अपना पक्ष रखा और कहा कि हमारी सरकार के दो महीने के कार्य पिछली सरकारों के दो महीने पर भारी पड़ेंगे। हमें विरासत में एक जर्जर व्यवस्था मिली जिसे हम सुधारने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि दो महीने में हमसे सौ साल का हिसाब मांगा जा रहा है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधान परिषद में सोमवार को राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा करते हुए यह बातें कहीं। कानून व्यवस्था पर उन्होंने कहा कि ये एक बड़ी चुनौती है, जिससे कि हम निपटने का प्रयास कर रहे हैं।
उन्होंने पूर्ववर्ती सपा सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा कि कैग की रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि सपा सरकार में जमकर फिजूलखर्ची हुई है। कुछ मामलों में कोर्ट ने भी हस्तक्षेप किया था। जितने का भत्ता बांटा उतना ही भत्ता बांटने के इंतजाम पर खर्च कर दिया।