आवास विभाग ने सभी विकास प्राधिकरणों को भूगर्भ जल प्रदूषित करने वाले बिल्डरों को चिह्नित कर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। भूगर्भ जल विभाग की ओर से आवास विभाग को दी गई जानकारी के मुताबिक, चंदौली, मिर्जापुर, भदोही, बहराइच, बाराबंकी, मुरादाबाद, बरेली और संभल समेत कई जिलों में छोटे-छोटे बिल्डर 15 से लेकर 100 मकान बना रहे हैं, जबकि इन घरों से निकलने वाले गंदे पानी के निस्तारण की कोई समुचित व्यवस्था नहीं है।
बिल्डर गंदा पानी बोरिंग के जरिए सीधे जमीन में भेज रहे हैं। इन अवैध रूप से बनाए जा रहे घरों में विकास प्राधिकरणों के स्थानीय अधिकारियों और कर्मचारियों की भी मिलीभगत है। भूगर्भ जल विभाग की शिकायत पर आवास विभाग ने ऐसे बिल्डरों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का फैसला किया है। वही, भूगर्भ जल विभाग के अधिकारियों का कहना है कि कोरोना वायरस का प्रकोप कम होने पर इस दिशा में गंभीरता से काम किया जाएगा, ताकि लोगों को भविष्य में कोई और बीमारी न घेर सके।
सात साल की सजा का प्रावधान
भूगर्भ जल दूषित करने पर सात साल तक की सजा का प्रावधान है। कुछ समय पहले ही इस एक्ट के तहत नियमावली बनाई गई है।