बहुजन समाज पार्टी के गोंडा और श्रावस्ती के लोकसभा प्रत्याशियों पर बुधवार को गाज गिर गई।
दोनों का न केवल टिकट कटा बल्कि उन्हें पार्टी से बाहर का रास्ता भी दिखा दिया गया। उन पर पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने व अनुशासनहीनता के आरोप हैं।
इसके अलावा बलरामपुर सदर के ब्लॉक प्रमुख समेत तीन और नेताओं को बसपा से निष्कासित किया गया है।
बसपा के जोनल कोऑर्डिनेटर जुगल किशोर ने सभी नेताओं को पार्टी से निकाले जाने की जानकारी दी। कहा कि दोनों प्रत्याशियों व तीन अन्य नेताओं के खिलाफ कार्रवाई अनुशासनहीनता और पार्टी विरोधी गतिविधियों के कारण की गई है।
बसपा ने गोंडा से मसूद आलम खां और श्रावस्ती से धीरेंद्र प्रताप सिंह धीरू को लोकसभा चुनाव के लिए उम्मीदवार बनाया था।
पार्टी सूत्रों के मुताबिक दोनों के खिलाफ जांच के बाद कार्रवाई की गई है। मसूद पर कैसरगंज से सपा प्रत्याशी पंडित सिंह से नजदीकियां बनाने के आरोप थे। कहा तो यहां तक जा रहा है कि उन्होंने एक-दूसरे की मदद का भरोसा दिलाया था।
बसपा को मिली शिकायत में आरोप लगे थे कि उन्होंने एक दूसरे को उनके संसदीय क्षेत्रों में मुस्लिम और ठाकुर मत दिलाने का आश्वासन दिया था।
मसूद पिछला विधानसभा चुनाव कटरा बाजार सीट से लड़े थे और दूसरे नंबर पर रहे थे। वह हलदरमऊ के ब्लॉक प्रमुख भी रह चुके हैं।
धीरेंद्र प्रताप सिंह पर पार्टी के समानांतर चुनावी टीम बनाने और पार्टी अनुशासन तोड़ने का आरोप है। बसपा को शिकायत मिली थी कि उन्होंने कई पार्टी नेताओं की मौजूदगी में खुद को जिताऊ प्रत्याशी बताया।
धीरू पूर्व एमएलसी हैं और उनकी पत्नी सिंह सविता सिंह विधान परिषद की सदस्य हैं। इसके अलावा मसूद खां के भाई जियाउर्रहमान, बलरामपुर सदर के ब्लॉक प्रमुख राजबहादुर यादव और अरविंद कुमार त्रिवेदी को भी अनुशासनहीनता के आरोप में पार्टी से बाहर किया गया है।