राजधानी लखनऊ के चिनहट क्षेत्र में दैवीय आपदा से बत्ती गुल हुई तो प्रकाश पर्व दिवाली पर राजधानी को रोशन करने में जुटे इंजीनियरों में से तीन के घरों की खुशियां दु:ख में उस वक्त तब्दील हो गई, जब पॉवर कॉर्पोरेशन के चेयरमैन आशीष गोयल ने वीडियो कांफ्रेंसिंग में कार्रवाई की बिजली गिरा दी।
चेयरमैन ने लौलाई उपकेंद्र इलाके में शनिवार बारिश एवं हवा के चलते गुल हुई बत्ती देर से चालू होने पर चिनहट खंड के अधिशासी अभियंता मुकेश कुमार को तत्काल प्रभाव से वहां से हटाने एवं एसडीओ अमित सिंह व जेई प्रदीप पांडेय को निलंबित करने के निर्देश दिए। हालांकि, लेसा अफसरों ने इस लापरवाही के लिए सिर्फ जेई को जिम्मेदार माना है।
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लाइनमैन सतीश यादव ने जेई को समय से सूचना दे दी थी मगर उन्होंने एसडीओ व अधिशासी अभियंता को समय से नहीं बताया। उधर, चेयरमैन ने मध्यांचल विद्युत वितरण निगम के प्रबंध निदेशक भवानी सिंह खंगारौत को निर्देश दिए कि अधिशासी अभियंता को लेसा से यानी लखनऊ से बाहर स्थानांतरण किया जाए। चेयरमैन शनिवार को लखनऊ की बिजली व्यवस्था की वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए समीक्षा कर रहे थे। चेयरमैन ने तीन इंजीनियरों पर कार्रवाई के निर्देश दिए तो हड़कंप मच गया।
यह था मामला: हाईटेंशन लाइन पर गिरा था पेड़
लौलाई उपकेंद्र के मल्हौर क्षेत्र में बारिश एवं हवा के चलते शनिवार सुबह 6:48 बजे 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन लाइन पर पेड़ गिर गया। उपकेंद्र पर सूचना पहुंची तो कर्मियों ने तीन ट्रांसफार्मर को छोड़ करके अन्य प्रभावित उपभोक्ताओं की बिजली कई अलग स्रोत से 8:20 बजे चालू कर दी। जबकि मल्हौर, शक्ति अपार्टमेंट, सौरभ विहार, भरवारा आदि की बिजली चालू करने के लिए कर्मचारी पेड़ को हटाने की प्रक्रिया में जुटे थे तभी वह जड़ से उखड़ गया।
इसलिए रहा बिजली संकट
पेड़ के जड़ से उखड़ने के कारण उसे हटाने के लिए अभियंताओं ने हाइड़ा को मंगाया। हाइड़ा के आने में देरी हुई, जिससे बिजली संकट देर तक बना रहा। जब जर्जर पेड़ लाइन से हटा तो दोपहर 12:20 बजे बिजली चालू हो सकी। दरअसल, लोहे के तारों पर पेड़ के गिरने से वह ढीले हो गए थे, जिनको सही करना भी जरूरी था।