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गृहकर नामांतरण के 33 मामले लटकाने पर बाबू निलंबित

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गृहकर नामांतरण के 33 मामले लटकाने पर बाबू निलंबित
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गृहकर नामांतरण के आवेदनों का समय से निस्तारण करने के बजाय उन्हें लटकाए रखने पर नगर आयुक्त ने सोमवार को एक लिपिक को निलंबित कर दिया।
नगर निगम के जोन एक कार्यालय में तैनात लिपिक तफजील अहमद पर आरोप है कि उसने निर्देश के बाद भी गृहकर नामांतरण के 33 मामले निस्तारित नहीं किए। लिपिक के पास प्रचार विभाग के साथ ही गृहकर विभाग में यदुनाथ सान्याल वार्ड का भी अतिरिक्त काम था। नगर आयुक्त अजय द्विवेदी ने बताया कि नामांतरण के मामले लंबित मिलने पर तफजील को बीते माह नोटिस दिया गया था। इसके बाद भी उसने न तो मामले निस्तारित किए और न ही संतोषजनक जवाब दिया। इस पर उसके खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की जा रही है।
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मनमानी कर रहे कर्मचारी
नगर निगम मुख्यालय में गृहकर कैश काउंटर पर जिन कर्मचारियों की ड्यूटी लगी है वह मनमानी कर रहे हैं। यह तब है जबकि बीते सप्ताह नगर आयुक्त सुजीत कुमार यादव नामक लिपिक को निलंबित कर चुके हैं। सोमवार को लिपिक देवी प्रसाद पाल और दिग्विजय शुक्ला की ड्यूटी काउंटर पर थी, लेकिन दोनों कर्मचारी दोपहर एक बजे अपनी सीट पर नहीं थे। जानकारों ने बताया देवी प्रसाद सुबह थोड़ी देर के लिए आए और गायब हो गए। वहीं, दिग्विजय आए ही नहीं। कैश काउंटर पर निगम प्रशासन की ओर से रोस्टर के आधार पर ड्यूटी लगाई गई है। लिपिक गोपाल श्रीवास्तव और नीतू कभी कैश काउंटर पर नहीं बैठते हैं। इस मामले में अपर नगर आयुक्त पंकज सिंह ने कहा कि जो कर्मचारी कैश काउंटर पर ड्यूटी के बाद भी नहीं बैठ रहे हैं, जांच कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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