गोंडा। परसपुर थाना क्षेत्र के पसका गांव में सोमवार देर रात घर में सो रहीं तीन दलित बेटियों पर किसी व्यक्ति ने एसिड डाल दिया। इससे तीनों गंभीर रूप से झुलस गईं। तीनों बेटियों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां बड़ी बेटी की हालत नाजुक बनी हुई है। घटना की सूचना पर डीआईजी, डीएम व एसपी मौके पर पहुंचे और गांव के लोगों से पूछताछ की। पीड़िता के पिता गुरई ने थाना परसपुर में घटना की एफआईआर दर्ज कराई है।
थाना परसपुर क्षेत्र के पसका गांव में रहने वाले दलित गुरई की बड़ी बेटी खुशबू (17), मंझली बेटी कोमल (7) व छोटी बेटी आंचल (5) सोमवार रात अपने घर की पहली मंजिल पर बने कमरे में सो रही थीं। तभी देर रात कुछ लोग छत पर चढ़ आए और खुशबू पर एसिड फेंक दिया। जिससे वह झुलस गई।
एसिड से झुलसी बेटियां शोर मचाते हुए नीचे भागीं। जब तक मामला पिता गुरई की समझ में आता बेटियां दौड़कर उनसे चिपक गईं और एसिड की जलन से तड़पने लगीं। एसिड की चपेट में आने से कोमल व आंचल भी गंभीर रूप से झुलस गईं थीं। एसिड के प्रभाव से पिता की बनियान भी जल गई। तीनों बेटियों को फौरन जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।
बताया जा रहा है कि बड़ी बेटी खुशबू को ही लक्ष्य बनाकर एसिड फेंका गया था, क्योंकि वह बुरी तरह से झुलसी है। जिला अस्पताल में तीनों का इलाज चल रहा है। घटना के बाद मंगलवार सुबह गुरई के घर के पीछे पुलिस को बांस की एक बल्ली मिली है। आशंका है कि एसिड फेंकने के आरोपी इसी बल्ली के सहारे घर की पहली मंजिल तक पहुंचे होंगे।
फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं की बारीकी से पड़ताल कर रही है। डीएम डॉ. नितिन बंसल का कहना है कि तीनों बेटियां खतरे से बाहर हैं और अधिकारियों की निगरानी में उनका इलाज कराया जा रहा है। पीड़ित परिवार को रानी लक्ष्मीबाई सम्मान कोष से आर्थिक मदद की संस्तुति भेजी गई है। जल्द ही सहायता दिलाई जाएगी।
पसका गांव में तीन बेटियों पर एसिड अटैक के बाद मंगलवार सुबह एसपी के आदेश पर मौके पर पहुंची पुलिस की फोरेंसिक टीम ने घर के कमरे में कई जगह से एसिड के नमूने लिए। फोरेंसिक विशेषज्ञ ने घर के छज्जे पर और घर के नीचे भी मिले एसिड व उसकी बोतल के भी नमूने लिए हैं। इसके साथ ही एसिड की बोतल से फिंगर प्रिंट भी लिए गये हैं। टीम ने मौके पर फोटोग्राफी भी की ताकि विवेचना में मदद मिल सके।
घटनास्थल पर पहुंचे डॉग स्क्वाएड ने भी आरोपी के बारे में पड़ताल की। खोजी कुत्ता गुरई के घर से 100 मीटर की दूरी तक दौड़ता रहा। मगर वह आरोपी किधर से आए इसका संकेत नहीं दे सका। इतना जरूर रहा कि खोजी कुत्ते के संकेत से संभावना जताई जा रही है कि आरोपी बाहर का नहीं बल्कि गांव का ही हो सकता है।
परसपुर के पसका गांव में तीन दलित बेटियों पर हुई एसिड अटैक की घटना पुलिस के लिए नई चुनौती बन गई है। परिवार की ओर से किसी को नामजद न किए जाने से पुलिस उलझ गई है। सबसे पहले पुलिस घटना का मोटिव तलाशनेे की कोशिश कर रही है। परसपुर थानाध्यक्ष सुधीर सिंह ने बताया कि घटना में शामिल लोगों के बारे पता लगाने के लिए पुलिस टीमें बनाई गईं हैं। माना जा रहा है कि देर रात तक मामले में पुलिस को कुछ न कुछ सुराग मिल जाएगा।
एसपी शैलेश कुमार पांडेय ने बताया कि पसका गांव में तीन बेटियों पर एसिड फेंके जाने की घटना काफी गंभीर है। आरोपियों की पहचान और तलाश के लिए टीमें गठित की गईं हैं। हर पहलू की जांच की जा रही है। मामले में बेटियों के पिता की तहरीर पर अज्ञात के खिलाफ एफआईआर दर्ज करा दी गई है। पुलिस टीम पड़ताल कर रही है। जल्द ही आरोपी पुलिस की गिरफ्त में होंगे।