लखनऊ। लखनऊ विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति आचार्य देवेंद्र प्रताप सिंह को बुधवार को पुनर्वास विवि के लॉ कैंपस स्थित कुलपति आवास पर श्रद्धांजलि दी गई। इस दौरान शिक्षाविदों, सामाजिक क्षेत्र से जुड़े लोगों, विभिन्न संस्थाओं के पदाधिकारियों और विश्वविद्यालयों के कुलपतियों ने प्रो. सिंह के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें याद किया। उप मुख्यमत्री ब्रजेश पाठक ने भी उन्हें श्रद्धांजलि दी।
प्रो. देवेंद्र प्रताप सिंह के पुत्र व पुनर्वास विश्वविद्यालय के कुलपति आचार्य संजय सिंह ने बताया कि प्रो. डीपी सिंह का निधन 17 सितंबर को लोहिया अस्पताल में इलाज के दौरान हुआ था। वह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पूर्व क्षेत्र संघचालक भी रहे। प्रो. सिंह 1991 से 1993 तक अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय, रीवा के कुलपति रहे। इसके बाद 1999 से 2002 तक लखनऊ विश्वविद्यालय और 2002 से 2005 तक उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय के कुलपति रहे।
श्रद्धांजलि सभा में विद्या भारती के राष्ट्रीय संरक्षक ब्रह्मदेव शर्मा (भाई जी), आरएसएस के पूर्व क्षेत्र संघचालक सिद्धिनाथ सिंह, पूर्व केंद्रीय मंत्री संजय पासवान, अखिल भारतीय प्रचारक प्रमुख स्वांत रंजन, गोसेवा आयोग के राजेश सिंह सेंगर, डॉ. राम मनोहर लोहिया विधि विश्वविद्यालय भोपाल के पूर्व कुलपति प्रो. बलराज चौहान, भारतीय शिक्षा शोध संस्थान के अध्यक्ष प्रो. एसके द्विवेदी, क्षेत्र प्रचारक अनिल जी (भाई साहब), पूर्व क्षेत्र संघचालक सिद्धिनाथ सिंह समेत कई शिक्षाविद मौजूद रहे।
लखनऊ विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. जेपी सैनी, पूर्व कुलपति प्रो. एसपी सिंह, काशी प्रांत संचालक अंगराज सिंह, डॉ. प्रवीण, वीरेंद्र सिंह, अश्विनी जी, रामाशीष जी (प्रज्ञा प्रवाह), कमला कांत जी, वेद प्रकाश सिंह, महामना मालवीय मिशन के अध्यक्ष हरिशंकर सिंह, विधायक ओपी श्रीवास्तव, भारतीय शिक्षा शोध संस्थान के अध्यक्ष प्रो. एसके द्विवेदी, पूर्व राज्य मंत्री स्वाति सिंह, पूर्व महापौर संयुक्ता भाटिया, मिर्जापुर मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य एसके सिंह और शिव प्रताप मुन्ना (जौनपुर) सहित विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलपति, संस्थानों के निदेशक, जनप्रतिनिधि और अन्य लोगों ने भी श्रद्धांजलि अर्पित की।