इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने शुक्रवार को एक नाबालिग दुष्कर्म पीड़िता को गर्भपात की अनुमति दे दी है। कोर्ट ने कहा कि अधिकृत अस्पताल में हफ्ते भर में पीड़िता का गर्भपात करा दिया जाए। केजीएमयू की रिपोर्ट से पता चला कि पीड़िता को 20 हफ्ते का गर्भ है और मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेगनेंसी एक्ट के तहत उसका गर्भपात कराया जा सकता है।
न्यायमूर्ति ऋतुराज अवस्थी और न्यायमूर्ति दिनेश कुमार सिंह की खंडपीठ ने यह आदेश हरदोई जिले की पीड़िता की ओर से उसके पिता की याचिका पर दिया। सुनवाई के दौरान पीड़िता व उसके पिता कोर्ट में मौजूद भी रहे। पीड़िता की ओर से दलील दी गई थी कि सर्वेश नाम के व्यक्ति ने उसके साथ दुराचार किया था। वह गर्भवती है और अभी उसकी शादी भी नहीं हुई है। ऐसे में उसे गर्भपात की अनुमति दी जाए। इस मामले में केजीएमयू की जांच रिपोर्ट में आने के बाद कोर्ट ने गर्भपात की इजाजत देकर याचिका निस्तारित कर दी।