11 साल पुराने आशियाना रेप केस में मुख्य आरोपी गौरव शुक्ला चौथी बार बालिग करार दिया गया है। कानूनी दांव-पेंच में 11 साल से न्याय के लिए भटक रही पीड़िता को हाईकोर्ट से एक बार फिर न्याय मिला है।
दो मई 2005 की घटना में पहली बार 15 जनवरी 2013 को गौरव शुक्ला को जेजे बोर्ड ने बालिग ठहराया था। इसके बाद फर्जी सर्टिफिकेट और गवाहों के दम पर उसे नाबालिग साबित करने खेल शुरू हो गया।
इसकी सुनवाई के बाद जेजे बोर्ड ने एक और आदेश 21 मार्च 2014 को दिया। इसमें भी उसे बालिग बताया गया। इसके खिलाफ गौरव शुक्ला और उसके परिवारीजनों ने सेशन कोर्ट में अपील की।
दो साल बाद 11 मार्च 2015 को सेशन कोर्ट ने गौरव को बालिग माना और अपील खारिज कर दी। इसके खिलाफ हाईकोर्ट में रिवीजन पिटीशन की गई। शुक्रवार को हाईकोर्ट ने इसे भी खारिज कर दिया।
कब-किसने किया आदेश
15 जनवरी 2013- जेजे बोर्ड
21 मार्च 2014 - जेजे बोर्ड
11 मार्च 2015 - सेशन कोर्ट
18 मार्च 2016 - हाईकोर्ट