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यूपी: 'झाड़ू' लगाने के लिए इन्होंने छोड़ दी नौकरी

Mon, 10 Feb 2014 11:02 AM IST
शोभित श्रीवास्तव/अमर उजाला, लखनऊ
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67 वर्ष की जयश्री देवी को चलने-फिरने में दिक्कत है।
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बहराइच के एक जूनियर हाईस्कूल की प्रधानाध्यापक पद से रिटायर इस बुजुर्ग महिला में आज भी समाज के लिए कुछ कर गुजरने की तमन्ना है।

यही चाहत उसे आम आदमी पार्टी (आप) का टिकट मांगने के लिए लखनऊ खींच लाई। अनुसूचित जाति की इस महिला की मां ने भी रुढ़िवादिता व अंधविश्वास के खिलाफ अपने क्षेत्र में बड़ा अभियान चलाया था।

‘आप’ ने आईआईएम रोड पर समृद्घि लॉन में लोकसभा चुनाव के लिए टिकट की मांग कर रहे प्रत्याशियों को इंटरव्यू के लिए बुलाया था। उन्होंने बताया कि क्षेत्र में पहले दलितों को मंदिरों में जाने नहीं दिया जाता था।
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यही कारण है कि रिटायरमेंट के बाद जो भी पैसा मिला उससे उन्होंने एक मंदिर बनवा दिया।

उन्होंने ‘कलुआ की बेटी’ एक नाटक भी लिखा है। वे कहती हैं कि अगर उन्हें टिकट मिला तो ठीक अगर नहीं मिला तो जिसे ‘आप’ की तरफ से मिलेगा उसके लिए काम करेंगी।

जयश्री देवी ही नहीं रविवार को हर वर्ग के लोग ‘आप’ के टिकट के लिए इंटरव्यू देने आए थे।

टेक्सटाइल इंडस्ट्री के उद्योगपति मुकेश त्यागी भी गाजियाबाद से टिकट मांग रहे हैं। वे रविवार को ही दिल्ली से लखनऊ आए थे। उन्होंने कहा कि वे अरविंद केजरीवाल से काफी प्रभावित हैं।

‘आप’ के आने से लग रहा है कि राजनीति की दशा व दिशा सुधर सकती है। इस कारण वे भी टिकट मांगने आए हैं। पीजीआई के हार्ट सर्जन डॉ. निर्मल गुप्ता भी टिकट के लिए इंटरव्यू देने पहुंचे।

उन्होंने कहा कि ‘आप’ ने राजनीति को एक नई दिशा दी है। समाज में कुछ करने के लिए अपना योगदान देना चाहता हूं।

कांग्रेस के फूलपुर के पूर्व विधायक जय सिंह यादव भी पूरे अनुशासन के साथ लाइन में लगे हुए थे। उन्होंने भी अपनी बारी आने पर इंटरव्यू दिया।

इलाहाबाद से आए सैयद इम्तियाज अली नि:शक्त हैं। वे भी टिकट की चाहत में लखनऊ पहुंचे थे।

उन्होंने कहा कि ‘आप’ ने नि:शक्तजनों को भी एक प्लेटफार्म दिया है। अगर मौका मिला तो अच्छा चुनाव लड़ूंगा, अगर नहीं मिला तो भी ‘आप’ के लिए काम करूंगा।

उन्नाव से टिकट मांगने आईं गृहणि स्नेहा सिंह कहती हैं कि समाज में आए दिन घट रही घटनाओं के कारण वे अपनी बेटियों की सुरक्षा के लिए चिंतित रहती हैं।

इस कारण वे राजनीति में आना चाहती हैं। राजनीति में आकर माहौल को दुरुस्त करने की चाहत है।

कईयों ने छोड़ी नौकरी
‘आप’ से टिकट की चाहत ने कुछ लोगों को नौकरी तक छोड़नी पड़ी है। वहीं कई ऐसे भी हैं जो नौकरी छोड़ने की तैयारी कर रहे हैं। दुबई से नौकरी छोड़कर ‘आप’ का दामन थामने वाले डॉ. मनोज शर्मा अब अलीगढ़ से टिकट के दावेदार हैं।

मिलेट्री इंजीनियरिंग सर्विसेज (एयरफोर्स) में नौकरी कर रहे गिरीश तिवारी भी टिकट के लिए इंटरव्यू देने यहां आए थे। 1993 में लखनऊ के आर्ट्स कॉलेज के छात्रों द्वारा किए गए हवाई जहाज के अपहरण के मामले में भी गिरीश तिवारी मुख्य आरोपी रहे हैं।
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वर्दी में मांगा टिकट
यूपी पुलिस के बर्खास्त सिपाही सुबोद यादव वर्दी पहनकर टिकट मांगने यहां पहुंच गए। सुबोध उस समय चर्चा में आए जब अन्ना हजारे के दिल्ली में चल रहे आंदोलन में वे भी वर्दी पहन कर चढ गए थे।
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