दलित उत्पीड़न के 15 वर्ष पुराने मामले में जिले की एमपी-एमएलए कोर्ट के विशेष न्यायाधीश पीके जयंत ने बृहस्पतिवार को आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सदस्य संजय सिंह समेत तीन आरोपियों को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया।
कोतवाली नगर क्षेत्र में स्थित सदर तहसील के रजिस्ट्री ऑफिस के लिपिक रामसागर धोबी ने पांच जून 2007 को शहर के गभड़िया निवासी व मौजूदा समय में आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सदस्य संजय सिंह समेत तीन लोगों के खिलाफ दलित उत्पीड़न का केस दर्ज कराया था।
लिपिक रामसागर का आरोप है कि संजय सिंह समेत तीनों आरोपियों ने रजिस्ट्री ऑफिस में पहुंचकर उन पर हमला किया था और जातिसूचक शब्दों से अपमानित किया था। वहीं, संजय सिंह का आरोप है कि भाई के विवाह का रजिस्ट्रेशन कराने के लिए रजिस्ट्री ऑफिस जाने पर उनसे लिपिक रामसागर धोबी ने घूस मांगी थी। मामले की विवेचना तत्कालीन सीओ सिटी रामचरन ने की थी।
पुलिस ने संजय सिंह समेत तीनों आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की थी। मामले की सुनवाई जिले की एमपी-एमएलए कोर्ट के विशेष न्यायाधीश पीके जयंत की अदालत में चल रही थी। बृहस्पतिवार को कोर्ट ने आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सदस्य संजय सिंह समेत तीनों आरोपियों को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया। अदालत के फैसले से संजय सिंह समेत तीनों आरोपियों को बड़ी राहत मिल गई है।