स्नातक-परास्नातक कोर्स पूरा करने के बाद विश्वविद्यालयों द्वारा जारी किए जाने वाले सर्टिफिकेट/ डिग्री में भी अब छात्र-छात्राओं के आधार नंबर का उल्लेख होगा। यह कवायद यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन (यूजीसी) ने फर्जीवाड़ा और गड़बड़ी रोकने के लिए की है।
इससे पहले भी मार्क्ससीट और सर्टिफिकेट में सिक्योरिटी फीचर का प्रयोग किया गया था। यूजीसी के सचिव प्रो. जसपाल एस संधू ने सभी यूनिवर्सिटी के कुलपति को पत्र भेजकर कहा है कि सर्टिफिकेट में विद्यार्थियों की फोटो, यूनिक आईडी/ आधार नंबर का उल्लेख किया जाए, ताकि सर्टिफिकेट या डिग्री से विद्यार्थियों की आसानी से पहचान की जा सके।
आधार नंबर से सर्टिफिकेट की आसानी से जांच भी की जा सकेगी। इससे गड़बड़ी रोकना आसान होगा। प्रो. संधू ने यह भी कहा है कि विश्वविद्यालय द्वारा जारी मार्क्ससीट-सर्टिफिकेट में संबद्ध संस्थानों-कॉलेजों और पढ़ाई के मोड (रेगुलर, प्राइवेट, दूरस्थ शिक्षा) का भी स्पष्ट उल्लेख किया जाए।
उन्होंने इन व्यवस्थाओं को जल्द से जल्द प्रभावी बनाने को कहा है। उल्लेखनीय है कि कई विश्वविद्यालयों द्वारा जारी की जाने वाली मार्क्ससीट में संबद्ध संस्थानों-कॉलेजों के नाम की जगह सिर्फ कोड का प्रयोग किया जाता है। अब इस पर रोक लगेगी और विश्वविद्यालय के साथ संबंधित संस्थान का भी नाम लिखा जाएगा।