आधार में बायोमीट्रिक अपडेट दो बार जरूरी होता है। पहली बार बच्चा जब पांच साल की उम्र पूरी कर ले और दूसरी बार 15 साल की उम्र पूरी होने पर। इसमें बच्चे के फोटो, फिंगर प्रिंट और आंखों की पुतली का विवरण अपडेट किया जाता है।
बच्चों के आधार में अनिवार्य बायोमीट्रिक अपडेट कराने की निशुल्क सुविधा 30 सितंबर 2027 तक तक बढ़ा दी गई है। पहले यह सुविधा 30 सितंबर 2026 तक थी। अभी प्रदेश में करीब ढाई करोड़ बच्चों का आधार अपडेट होना बाकी है। समय बढ़ने से काफी सहूलियत होगी।
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यूआईडीएआई के उप महानिदेशक प्रशांत कुमार सिंह ने बताया कि आधार में बायोमीट्रिक अपडेट दो बार जरूरी होता है। पहली बार बच्चा जब पांच साल की उम्र पूरी कर ले और दूसरी बार 15 साल की उम्र पूरी होने पर। इसमें बच्चे के फोटो, फिंगर प्रिंट और आंखों की पुतली का विवरण अपडेट किया जाता है। इससे बच्चे के बड़े होने के बाद आधार से पहचान की पुष्टि में आसानी होती है।
यूआईडीएआई ने सितंबर 2025 में 7 से 15 वर्ष के बच्चों के पहले अनिवार्य बायोमीट्रिक अपडेट का शुल्क एक साल के लिए माफ किया था। इसका उद्देश्य बड़ी संख्या में लंबित अपडेट को पूरा कराना था। समयसीमा बढ़ने से अभिभावकों को इसके लिए एक साल और मिल गया है। वे केंद्र पर जाकर बच्चों का आधार निशुल्क अपडेट करा सकते हैं।