लखनऊ। इंदिरानगर के चांदन गांव निवासी निजी चालक शहनवाज (20) का शव शुक्रवार देर रात गोसाईंगंज के भदुआ गांव के पास ट्रैक पर पड़ा मिला। शनिवार शाम पोस्टमार्टम के बाद परिजनों ने दो दोस्तों सहित कुछ अज्ञात पर हत्या का आरोप लगाते हुए घर के पास शव रखकर प्रदर्शन किया। मृतक के पिता की तहरीर पर पुलिस ने शहनवाज के दोस्तों प्रभात, प्रदीप व कुछ अज्ञात के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया है।
मृतक के चाचा रहीम ने बताया कि शुक्रवार रात आठ बजे मोहल्ले के प्रदीप व प्रभात शादी समारोह में जाने की बात कहकर शहनवाज को कार से गोसाईंगंज ले गए थे। रात करीब दो बजे पुलिस ने खबर दी कि शहनवाज का शव भदुआ गांव के पास ट्रैक किनारे मिला है। शनिवार को पोस्टमार्टम के बाद परिजन शव लेकर गांव पहुंचे और हत्या का आरोप लगाया। कार्रवाई की मांग कर शव घर के बाहर रखकर रास्ता जाम कर दिया।
परिजनों ने प्रभात, प्रदीप और अज्ञात लोगों पर हत्या का आरोप लगाते हुए गिरफ्तारी की मांग की। सूचना पर पहुंची इंदिरानगर पुलिस ने उचित कार्रवाई का आश्वासन देकर शांत कराया। इसके बाद परिजनों ने अंतिम संस्कार कर दिया। उनके पिता नवाब की तहरीर पर गोसाईंगंज थाने में प्रभात, प्रदीप और आठ-दस अज्ञात अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या सहित अन्य धाराओं में केस दर्ज किया गया है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शहनवाज के शरीर पर कई जगह चोट लगी और मौत की वजह शॉक एंड हेमरेज आया है। परिवार में मां आसमा और दो बहनें हैं। इंस्पेक्टर गोसाईंगंज ब्रजेश कुमार त्रिपाठी ने बताया कि शुरुआती जांच में शहनवाज की मौत ट्रेन की चपेट में आने से लग रही है।
मौत से पहले दोस्त को की थी कॉल
मृतक के दोस्त महबूब आलम ने बताया कि शुक्रवार रात करीब 11:13 बजे शहनवाज की कॉल आई थी। वह प्रभात, प्रदीप व फरीदीनगर के अन्य तीन लड़कों का नाम लेकर कह रहा था कि इन लोगों ने गलत किया है। उसकी सांस फूल रही थी। ऐसा लग रहा था कि जैसे कोई पीछा कर रहा था और वह भाग रहा था। आलम ने शहनवाज को 100 रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर किए और अहिमामऊ बुलाया। इसके बाद शहनवाज का मोबाइल बंद हो गया। महबूब ने इसके बाद प्रभात को कॉल की तो उसने बताया कि वहां झगड़ा हुआ था और बोला कि शहनवाज को खोज कर बताते हैं।