पुलिस को घर से लोहे की एक रॉड मिली है जिसमें खून लगा है। किचन में कुछ टूटे हुए दांत और रसोई गैस के सिलेंडर के पास 100-100 रुपये के कुछ जले नोट मिले। नफीसा की हत्या की खबर मिलते ही उदयगंज स्थित मायके से भाई शाहिद व अन्य परिवारीजन आ गए।
आसपास के लोगों ने बताया कि शाम से ही नफीसा और उसके पति के बीच झगड़ा हो रहा था। झगड़े व मारपीट की आवाजें बाहर तक आ रही थीं। पुलिस ने अफजल को हिरासत में ले लिया है।
इंस्पेक्टर ने बताया कि कल्लू डालीगंज का है और त्रिवेणीनगर में फैब्रिकेटिंग की दुकान करता है। ससुरालवालों से नफीसा की नहीं बनी तो वर्ष 2005 में उसने मायकेवालों की मदद से व गहने बेचकर एकतानगर में मकान लिया था।
यहां वह पति और अपने दिव्यांग बेटे सादिक के साथ रहती थी। वारदात के वक्त सादिक अपने कमरे में ही लेटा हुआ था। उसके एक बेटे की मौत हो चुकी है। पुलिस ने घर की पड़ताल की लेकिन लूटपाट की बात स्पष्ट नहीं हो सकी।