राजभवन के गेट नंबर 13 के सामने रविवार सुबह जिस महिला की प्री-मेच्योर डिलीवरी करानी पड़ी, उसे पति ब्रजेश सोनी सात अगस्त को पेट में दर्द होने पर सिविल अस्पताल ले गया था। यहां से उसे झलकारी बाई अस्पताल भेजा गया। ब्रजेश के अनुसार उसकी पत्नी को भर्ती करने के बजाय बाद में आने को कहा गया।
रविवार को दोबारा दर्द होने पर वह पत्नी रूपा को सिविल ले गया। यहां इमरजेंसी में डॉक्टरों ने इंजेक्शन लगाया और दवा दी। कुछ देर भर्ती रखने के बाद घर जाने की सलाह दे दी। 11:45 बजे रूपा भाभी रीता संग रिक्शे से लौटने लगी। ब्रजेश दूसरे साधन से पीछे से आ रहा था। राजभवन के गेट नंबर 13 के सामने अचानक रूपा को रक्तस्राव शुरू हो गया। ब्रजेश को इसका पता चला तो वह भी पहुंचा और परिचित को फोन कर साड़ियां मंगवाईं। इस दौरान मौके पर मौजूद महिलाओं ने साड़ियों का घेरा बनाया। राह चलती महिलाओं ने भी मदद की। फिर रूपा ने प्री-मेच्योर बच्चे को जन्म दिया। हालांकि, कुछ देर बाद ही उसकी मौत हो गई। दंपती के चार बच्चे मुस्कान, मीनाक्षी, रुद्र व कृष्णा हैं।
पॉलिथीन में शव लपेटे घूमते रहे परिजन
झलकारी बाई अस्पताल लाए जाने पर रूपा की भाभी रीता बच्चे का शव काली पॉलिथीन में लपेटे थी। वह उसे लेबर रूम तक ले गई। फिर रूपा को भर्ती कराने बाद पर्चा काउंटर पर आई। इस दौरान वह बच्चे का शव लिए पूरे अस्पताल में घूमती रही।
मरीज मौजूद होने की वजह से देर से मिली एंबुलेंस
एंबुलेंस सेवा दे रही ईएमआरआई ग्रीन हेल्थ सर्विस के प्रवक्ता सुनील यादव ने बताया कि हजरतगंज कोतवाली के पुलिसकर्मी योगेंद्र ने 11:48 बजे एंबुलेंस मांगी। हालांकि, उसके पास मरीज की कोई जानकारी नहीं थी, जिस पर कुछ देर बाद कॉल करने को कहा गया। पुलिसकर्मी ने दोबारा 11:54 बजे कॉल की और सड़क पर प्रसव होने तथा मरीज का ब्योरा बताया। इसके बाद एंबुलेंस (यूपी 32 बीजी 8998) 11:57 बजे असाइन हुई, पर उसमें पहले से केस था। आस-पास चेक करने के बाद 12:03 बजे एंबुलेंस (यूपी 32ईजी5066) को असाइन करने का प्रयास किया, पर वह मरीज को लेकर गई थी। दोपहर 12:13 बजे एंबुलेंस (यूपी32 ईजी 5060) असाइन हुई, जो दस मिनट में मौके पर पहुंच गई। मरीज को 12:35 बजे झलकारी बाई पहुंचा दिया गया।
समय से पहले प्रसव से बच्चे की मौत
झलकारीबाई अस्पताल की सीएमएस डॉ. निबेदिता कार का कहना है कि समय से पहले प्रसव होने से बच्चे की मौत हो गई। महिला अभी भर्ती है। यह इससे पहले अस्पताल नहीं आई थी। महिला का हीमोग्लोबिन कम है। उसे खून चढ़ाना पड़ सकता है।