हिंदू रीति-रिवाज में शादी से पूर्व तिलक व बरीक्षा संस्कार होता है। नंदी व नंदिनी की शादी से पूर्व 12 दिसंबर को बरीक्षा व तिलक कार्यक्रम संपन्न किया गया। वहीं इसके बाद मंगलवार को दूल्हा तैयार करने से लेकर बरात निकालने की सारी रस्में पूरी करते हुए श्रावस्ती के रामपुर कटेल से बरात निकाली गई। इस दौरान दूल्हा सजाने के दौरान भी बाहर बैंडबाजा व नगाड़े की व्यवस्था रही साथ ही डीजे व जगमग लाइटों के साथ बरात पहुंची।
दूल्हा देखने के लिए उमड़ा जनसैलाब
जिस किसी को भी इस अनूठी शादी की सूचना मिली वह दूल्हा देखने के लिए घर से भाग पड़ा। पयागपुर के निहनिया कुट्टी गांव बरात पहुंचने पर सूचना के रूप में गोला दगते ही सबकी उत्सुकता बढ़ गई। द्वारचार के दौरान दूल्हा देखने के लिए महिलाओं में सबसे ज्यादा उत्सुकता रही। इस दौरान महिलाएं दूल्हा बने नंदी के सिर पर लगी पगड़ी, गले में रुपयों की माला व विवाह जोड़े को लेकर चर्चा करती रहीं।
गौसंरक्षण का संदेश देने के लिए किया आयोजन
अनूठे विवाह को लेकर बछड़े के संरक्षक श्रावस्ती निवासी भभूति प्रसाद ने बताया कि गौ संरक्षण व गौ सेवा की बात लोग करते हैं, लेकिन ध्यान कोई नहीं देता। ऐसे में लोगों को गौ माता के संरक्षण व रक्षा के प्रति जागरुक करने के लिए यह प्रयास किया। उन्होंने बताया कि केवल छोटी सी पहल की थी लेकिन लोगों के सहयोग से यह बड़ा संदेश देने वाला आयोजन बन गया।