लखनऊ के आशियाना क्षेत्र में वैन सवार बदमाशों ने रविवार देर शाम ऑटो से घर लौट रहे किन्नर को गोली मार दी। वह कृष्णानगर इलाके में किन्नरों के सम्मेलन से निकली थी। आक्रोशित किन्नरों ने अस्पताल में हंगामा किया। घायल किन्नर ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराने के साथ तीन थानों की पुलिस ने पड़ताल शुरू की। इलाके के बंटवारे की रंजिश में हमले का अंदेशा जताया जा रहा है।
इंस्पेक्टर भानुप्रताप सिंह ने बताया कि पीजीआई थाना क्षेत्र में डूडा कॉलोनी में रहने वाली किन्नर चंचल (45) रविवार शाम कृष्णानगर के बाराबिरवा चौराहा के पास ऑटो पर सवार होकर घर लौट रही थी। रास्ते में देवी खेड़ा में सुनसान स्थान पर पीछे से आइ वैन पर सवार बदमाशों ने उस पर फायरिंग की। बाएं हाथ व पेट में गोली लगने से चंचल घायल होकर ऑटो में गिर गई। इसके साथ वैन तेजरफ्तार से भाग निकली। हमले से बुरी तरह घबराए ऑटो चालक संतोष कुमार ने ब्रेक लगाया।
पुलिस को कॉल की और अन्य लोगों की मदद से चंचल को लोकबंधु अस्पताल ले गया। डॉक्टरों ने हालत नाजुक बताते हुए उसे ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया। वहां उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। सरेराह फायरिंग से इलाके में सनसनी फैल गई। चंचल पर हमले से आक्रोशित किन्नरों ने अस्पताल पहुंच हंगामा और हमलावरों को जल्द पकड़ने की मांग की।
पड़ताल में पता चला कि चंचल कृष्णानगर क्षेत्र में केके पैलेस में किन्नरों के सम्मेलन में शामिल होने गई थी। वहां से 7:15:44 बजे डालीगंज क्षेत्र में रहने वाली रत्ना नायक के साथ निकली और घर जाने के लिए ऑटो में सवार हुई थी।
इस पर इंस्पेक्टर कृष्णानगर अंजनी कुमार पांडेय ने किन्नरों के सम्मेलन स्थल और इंस्पेक्टर पीजीआई रवींद्रनाथ राय ने डूडा कॉलोनी में तहकीकात की। पता चला कि चंचल के गुरू सुलेमान का 2001 में निधन हो गया था। इसके बाद वह अकेली ही पानदरीबा इलाके में नेग वसूलती थी।