घर से सब्जी लाने निकले एक व्यापारी के पुत्र का सोमवार देर शाम अपहरण हो गया। परिजनों को अपहरण की जानकारी तब हुई जब युवक के मोबाइल पर कॉल करने के बाद अपहर्ताओं ने उसे छोड़ने के बदले पांच लाख रुपये की फिरौती मांगी। युवक के अपहरण की सूचना मिलने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। हालांकि पुलिस की सक्रियता से अपहर्ता युवक को सड़क किनारे फेंककर भाग निकले। युवक को अस्पताल में भर्ती कराने के बाद पुलिस अपहर्ताओं की तलाश में जुटी है।
शहर के वार्ड संख्या एक के रहने वाले व्यापारी प्रभाकर शुक्ल उर्फ गोपाल का पुत्र शुभम शुक्ल (18) सोमवार शाम सब्जी लाने के लिए साइकिल से बाजार गया था। काफी देर तक शुभम के वापस नहीं आने पर प्रभाकर ने उसके मोबाइल पर फोन किया तो कॉल किसी अपरिचित ने रिसीव की। कॉल रिसीव करने वाले ने शुभम को अगवा करने की बात कहते हुए उनसे पांच लाख रुपये फिरौती की मांग की। थोड़ी देर बाद प्रभाकर के साथ ही उनके पड़ोसी अनुभव मिश्र के मोबाइल पर मैसेज भेजकर भी अपहर्ताओं ने पांच लाख रुपये फिरौती मांगी। बेटे का अपहरण होने का पता चलते ही प्रभाकर तत्काल थाने पहुंचे।
अपहरण की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। एसपी दिनेश सिंह, सीओ अर्पित कपूर व प्रभारी निरीक्षक देवेश कुमार दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे और शहर से निकलने वाले सभी मार्गों को सील कर मामले की छानबीन शुरू की। छानबीन के दौरान शहर के रणंजय इंटर कॉलेज मैदान के पास एक गड्ढे से शुभम की साइकिल बरामद हुई। करीब ढाई घंटे के बाद शुभम बचपन स्कूल मोड़ के पास बेहोश पड़ा मिला।
एसपी स्वयं उसे अपने काफिले में शामिल वाहन में लेकर जिला अस्पताल पहुंचे। जहां उसे भर्ती कर इलाज शुरू कर दिया गया। शुभम के मिलने के बाद पुलिस ने उसके पिता की तहरीर पर अज्ञात अपहरणकर्ताओं के खिलाफ केस दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी है।