लखनऊ। लोकबंधु अस्पताल में फर्श पर गिरकर नवजात की हुई मौत मामले में सामने आई लापरवाही का मामला नया नहीं है। करीब डेढ़ साल पहले लापरवाही के कारण ही यहां जच्चा-बच्चा की मौत हो गई थी। जांच में एक महिला डॉक्टर को दोषी भी ठहराया गया था, मगर उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई थी। वहीं, पुनर्नियुक्ति पर तैनात डॉक्टर पर कार्रवाई कर मामले को निपटा दिया गया था।
यह घटना सरोजनीनगर हाइडिल कॉलोनी की आरती (38) से संबंधित है। प्रसव पीड़ा होने पर उन्हें डेढ़ साल पहले लोकबंधु अस्पताल में भर्ती कराया गया था। आरती के भाई कुलदीप ने आरोप लगाया कि स्टाफ ने समय पर डिलीवरी नहीं कराई। इससे आरती की हालत बिगड़ गई। अगले दिन डिलीवरी हुई, मगर जच्चा-बच्चा की हालत बिगड़ गई और फिर दोनों की मौत हो गई थी। अपर निदेशक ने मामले की जांच की थी। जांच में घटना के वक्त ड्यूटी पर तैनात डॉ. चंद्रकांता व निशा रानी को दोषी ठहराया गया।
रिपोर्ट शासन को भेजी गई थी, मगर स्थायी डॉक्टर चंद्रकांता समेत एक अन्य डॉक्टर को छोड़ दिया गया। वहीं, पुनर्नियुक्ति पर तैनात डॉ. निशा रानी की सेवाएं समाप्त कर दी गई थीं।