हादसे के बाद घटनास्थल का एक दृश्य।
- फोटो : amar ujala
बहराइच जिले के नानपारा कोतवाली क्षेत्र के मिहींपुरवा रोड स्थित रियान पब्लिक स्कूल की वैन मंगलवार की सुबह बच्चों को लेकर स्कूल जा रही थी। इसी दौरान वैन सड़क किनारे गड्ढे में पलट गई। वैन में एक दर्जन से अधिक बच्चे सवार थे। बच्चों का शोर सुनकर पहुंचे ग्रामीणों ने शीशा तोड़कर उन्हें सकुशल बाहर निकाल लिया। हादसे का कारण वैन का गुल्ला टूटना बताया जा रहा है।
कोतवाली नानपारा क्षेत्र में मिहींपुरवा रोड पर रियान पब्लिक स्कूल का संचालन किया जाता है। जहां विभिन्न क्षेत्रों के बच्चे पढ़ते हैं। दूर के बच्चों को वैन के माध्यम से लाया जाता है। मंगलवार सुबह विद्यालय की वैन संख्या यूपी 40 टी 4519 शिवपुर विकास खंड के बच्चों को लाने के लिए गई थी। वैन लगभग एक दर्जन बच्चों को लेकर वापस स्कूल लौट रही थी। इसी दौरान खैरीघाट थाना क्षेत्र के ग्राम नकहा के पास अनियंत्रित हो गई और गड्ढे में जाकर पलट गई। बच्चों की चीखपुकार सुनकर गांव के लोग दौड़े। सभी ने शीशा तोड़कर बच्चों को बाहर निकाला। प्रभारी निरीक्षक संतोष कुमार सिंह भी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि वैन पलट गई थी लेकिन कोई भी घायल नहीं हुआ है। बच्चों को दूसरे वाहन से स्कूल भिजवाया गया है।
ये भी पढ़ें - लोकसभा चुनाव: राहुल, सोनिया और प्रियंका तीनों को यूपी से लड़ाने की तैयारी, खरगे को लेकर रहस्य बरकरार
ये भी पढ़ें - यूपी: पश्चिम में यात्रा तो पूरब में चलता रहेगा महासम्मेलन, प्रदेश भर में हर वर्ग को जोड़ने में जुटी कांग्रेस
हो सकता था बड़ा हादसा
वैन जिस तरह पलटी है, उससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि बड़ा हादसा हो सकता था। वैन पलटने के बाद ऊपर का हिस्सा नीचे और नीचे का ऊपर हो गया साथ ही वैन में पानी भी भर गया। हालांकि, ग्रामीणों की सजगता ने बड़े हादसे से बचा लिया गया। विद्यालय के प्रबंधक साबिर हुसैन ने बताया कि बच्चों को सकुशल उनके घर भेज दिया गया है। किसी बच्चे को कोई चोट नहीं आई है।
वैन की मेंटेनेंस पर भी उठे सवाल
छोटे-छोटे स्कूली बच्चों को लाने जैसे संवेदनशील कार्य के लिए शासन की ओर से शख्त निर्देश है जिसके तहत वाहनों की फिटनेस समय-समय पर जांची जाती है लेकिन जिस हिसाब से चलते-चलते रियान स्कूल के वैन का पहिया निकल गया वो कहीं न कहीं विद्यालय प्रबंधन व जांच स्तर पर बड़ी लापरवाही को भी उजागर करता है। खतरे में पड़ी एक दर्जन मासूमों की जान के लिए स्थानीय लोग जिम्मेदारों को दोषी ठहरा रहे है।