बस्ती के भैसाचौबे गांव के ओमप्रकाश ने अपने बेटे महेंद्र को प्रोफेसर बनाने का सपना देखा। इसे साकार करने के लिए उन्होंने दिल्ली में मजदूरी की तो कभी रिक्शा चलाया।
छुट्टियों में गांव आते तो बेटे की पढ़ाई के लिए खेती करके पैसा जुटाते। होनहार महेंद्र भी पूरी लगन के साथ पढ़ाई करते रहे। 15 दिसंबर को बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर विश्विद्यालय (बीबीएयू) में महेंद्र को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के हाथों मेडल मिलेगा। महेंद्र समेत एमएससी के चार विद्यार्थियों को राष्ट्रपति दीक्षांत समारोह में मेडल प्रदान करेंगे।
महेंद्र ने कहा कि मैंने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि मुझे राष्ट्रपति के हाथों मेडल मिलेगा। अवध विश्वविद्यालय से बीएससी करने वाले महेंद्र को पढ़ाई जारी रखने में कई बार आर्थिक परेशानी झेलनी पड़ी।
दोस्तों ने भी आर्थिक सहयोग किया। महेंद्र ने कहा कि - ‘मैं प्रोफेसर बनकर अपने पिता को इस काम से छुट्टी दूंगा। मेरी सफलता में मां शुभावती और बहन साक्षी ने भी बहुत सहयोग किया।’
दो सत्रों में होगा दीक्षांत समारोह
बीबीएयू का दीक्षांत समारोह दो सत्रों में होगा। पहला सत्र सुबह 10.30 से 11.30 बजे तक होगा। इसमें मुख्य अतिथि राष्ट्रपति रामनाथ कोविद होंगे, जो चार विद्यार्थियों को मेडल देंगे। वहीं दोपहर 12.30 बजे से दूसरे सत्र में अन्य मेधावियों को कुलपति मेडल देंगे।