आर्य समाज मंदिर में शादी की जानकारी होने पर रितिका के परिजनों ने आपत्ति की। इस संबंध में माल थाने में मुकदमा दर्ज कराया। जहां अस्पताल द्वारा जारी जन्म प्रमाण पत्र के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई की। इसके आधार पर रितिका नाबालिग थी। पुलिस ने सुमित के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया। 24 अप्रैल से उसे 81 दिनों तक जेल में रहना पड़ा। तीन दिन पहले उसे कोर्ट ने जमानत दे दी।
सुमित के मुताबिक, अस्पताल से जारी जन्म प्रमाण पत्र के आधार पर 17 जुलाई को रितिका 18 साल की होने वाली थी। इसका वह इंतजार करता रहा। सुमित के मुताबिक, उसे शुक्रवार रात नींद ही नहीं आई। सुबह होते ही वह रितिका के घर पहुंच गया। उसने रितिका को अपने साथ ले जाने की जिद की। इस पर दोनों परिजनों के बीच कहासुनी शुरू हो गई। हालात मारपीट तक पहुंच गए। इसी बीच किसी ने पुलिस को सूचना दे दी। मौके पर माल एसओ राम सिंह अपनी टीम के साथ पहुंचे। वहीं इसकी जानकारी होने पर आशा ज्योति केंद्र की प्रशासनिक अधिकारी अर्चना सिंह भी टीम के साथ पहुंच गईं।
काफी देर तक वहां बातचीत होती रही। वन स्टाप सेंटर (आशा ज्योति केंद्र) की प्रशासनिक अधिकारी अर्चना सिंह के मुताबिक, थाने में कागजी कार्रवाई के बाद दोनों को आशा ज्योति केंद्र लाया गया। उनकी शादी को लेकर कागजी कार्रवाई पूरी की जा रही है। सोमवार को दोनों को कोर्ट में लेकर जाएंगे जहां रजिस्ट्रार के सामने उनकी शादी कराकर पंजीकरण करवाया जाएगा।