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एसएसपी आवास के पास से युवक का अपहरण, हत्या कर शव बाराबंकी में फेंका

Sun, 29 Dec 2019 03:03 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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आरोपी बृजेश व सोनू। - फोटो : amar ujala
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हजरतगंज के सप्रू मार्ग स्थित एसएसपी आवास से चंद कदम दूर राजेंद्रनगर के लोकमान्यगंज निवासी डीसीएम चालक विकास गुप्ता (31) का उसके सौतेले-चचेरे भाई ने अपहरण कर लिया। दोनों उसे कार में बैठाकर बाराबंकी ले गए और मफलर से गला कसकर हत्या कर दी। इसके बाद शव बाराबंकी के माती गांव में किसान पथ स्थित शारदा पुल से नीचे झाड़ियों में फेंक दिया। उधर, विकास का कुछ पता न चलने पर पिता राजीव ने हजरतगंज कोतवाली की पुलिस से शिकायत की।

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उन्होंने सौतेले बेटे बृजेश पर शक जताया जिसके बाद पुलिस हरकत में आई। बृजेश को उठाकर पूछताछ करने पर उसने हत्या की बात कुबूल ली। पुलिस ने शनिवार शाम बृजेश के साथ अपहरण व हत्या में शामिल चचेरे भाई सोनू उर्फ अवनीश की निशानदेही पर बाराबंकी से विकास का शव बरामद कर लिया।

विकास के पिता राजीव ने बताया कि बड़े भाई सूर्य गुप्ता की मौत के बाद उन्होंने उनकी पत्नी संजू से शादी कर ली थी। संजू से उनके बड़े भाई के दो बेटे बृजेश और रवि हैं जबकि उनसे दो बेटे विकास और सुमित हैं। इंस्पेक्टर धीरेंद्र कुमार कुशवाहा ने बताया कि राजीव और उनके सौतेले बेटों के बीच संपत्ति को लेकर विवाद चल रहा था। दोनों पक्ष में अक्सर मारपीट और झगड़ा होता था। राजीव का आरोप है कि 26 दिसंबर को बृजेश और उसके साथियों ने सप्रू मार्ग से विकास का अपहरण कर लिया और बाराबंकी ले जाकर उसकी हत्या करके शव फेंक दिया। वह बेटे की तलाश में भटकते रहे। उन्होंने हजरतगंज कोतवाली में बेटे के गायब होने की सूचना देते हुए एफआईआर भी दर्ज कराई।
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पुलिस अपहरण का केस दर्ज कर विकास की तलाश कर रही थी। छानबीन में राजीव के सौतेले बेटे से झगड़े के बारे में पता चला तो पुलिस ने उसे उठाकर पूछताछ की। सख्ती से पूछताछ में वह टूट गया और अपने चचेरे भाई सोनू उर्फ अवनीश के साथ विकास का अपहरण करके हत्या की बात कुबूल करते हुए शव बरामद करा दिया। इंस्पेक्टर का कहना है कि बृजेश और सोनू को गिरफ्तार कर लिया गया है। अपहरण व हत्या के मामले में अन्य लोगों की संलिप्तता की जांच की जा रही है।

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बेटे के अपहरण व हत्या से बेहाल राजीव गुप्ता ने हजरतगंज पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना था कि 26 दिसंबर को ही वह हजरतगंज कोतवाली गए थे लेकिन पुलिस ने उन्हें टरका दिया। अगर पुलिस उसी वक्त उनकी शिकायत पर गंभीरता से कार्रवाई करती तो शायद विकास की जान बच जाती। पुलिस के टरकाने पर अगले दिन 27 दिसंबर को वह अधिकारियों से मिले और उन्हें पूरा मामला बताया।

अधिकारियों के आदेश पर हजरतगंज पुलिस ने उसकी शिकायत दर्ज की। यही नहीं, पूछताछ के लिए बृजेश और सोनू को पुलिस पकड़कर लाई लेकिन कुछ उगलवा नहीं सकी। पूछताछ की खानापूरी करने के बाद देर रात उन्हें छोड़ दिया गया। पुलिस ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरे खंगाले तो बृजेश और सोनू के फोटो मिल गए। इसके बाद दोनों को पकड़ा गया। सख्ती से पूछताछ में दोनों ने बताया कि विकास को बातचीत के बहाने से कार में बैठाकर ले गए थे। बाराबंकी के देवा में सुनसान जगह पर मफलर से उसकी गला दबाकर हत्या कर दी।
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