हजरतगंज के सप्रू मार्ग स्थित एसएसपी आवास से चंद कदम दूर राजेंद्रनगर के लोकमान्यगंज निवासी डीसीएम चालक विकास गुप्ता (31) का उसके सौतेले-चचेरे भाई ने अपहरण कर लिया। दोनों उसे कार में बैठाकर बाराबंकी ले गए और मफलर से गला कसकर हत्या कर दी। इसके बाद शव बाराबंकी के माती गांव में किसान पथ स्थित शारदा पुल से नीचे झाड़ियों में फेंक दिया। उधर, विकास का कुछ पता न चलने पर पिता राजीव ने हजरतगंज कोतवाली की पुलिस से शिकायत की।
उन्होंने सौतेले बेटे बृजेश पर शक जताया जिसके बाद पुलिस हरकत में आई। बृजेश को उठाकर पूछताछ करने पर उसने हत्या की बात कुबूल ली। पुलिस ने शनिवार शाम बृजेश के साथ अपहरण व हत्या में शामिल चचेरे भाई सोनू उर्फ अवनीश की निशानदेही पर बाराबंकी से विकास का शव बरामद कर लिया।
विकास के पिता राजीव ने बताया कि बड़े भाई सूर्य गुप्ता की मौत के बाद उन्होंने उनकी पत्नी संजू से शादी कर ली थी। संजू से उनके बड़े भाई के दो बेटे बृजेश और रवि हैं जबकि उनसे दो बेटे विकास और सुमित हैं। इंस्पेक्टर धीरेंद्र कुमार कुशवाहा ने बताया कि राजीव और उनके सौतेले बेटों के बीच संपत्ति को लेकर विवाद चल रहा था। दोनों पक्ष में अक्सर मारपीट और झगड़ा होता था। राजीव का आरोप है कि 26 दिसंबर को बृजेश और उसके साथियों ने सप्रू मार्ग से विकास का अपहरण कर लिया और बाराबंकी ले जाकर उसकी हत्या करके शव फेंक दिया। वह बेटे की तलाश में भटकते रहे। उन्होंने हजरतगंज कोतवाली में बेटे के गायब होने की सूचना देते हुए एफआईआर भी दर्ज कराई।
पुलिस अपहरण का केस दर्ज कर विकास की तलाश कर रही थी। छानबीन में राजीव के सौतेले बेटे से झगड़े के बारे में पता चला तो पुलिस ने उसे उठाकर पूछताछ की। सख्ती से पूछताछ में वह टूट गया और अपने चचेरे भाई सोनू उर्फ अवनीश के साथ विकास का अपहरण करके हत्या की बात कुबूल करते हुए शव बरामद करा दिया। इंस्पेक्टर का कहना है कि बृजेश और सोनू को गिरफ्तार कर लिया गया है। अपहरण व हत्या के मामले में अन्य लोगों की संलिप्तता की जांच की जा रही है।