मुझे माफ करना मां... अगले जन्म में भी तुम्हारा ही बेटा बनूं। इस जन्म में जो कार्य अधूरे रह गये है अगले में तुम्हारा अच्छा बेटा बनकर पूरा करूंगा। मेरी बेटी का ख्याल रखना। यह बात सुसाइड नोट में लिखकर 30 साल के रत्नेश उर्फ रवि ने फांसी लगा ली। उसका शव बृहस्पतिवार सुबह घर के अंदर फंदे से लटकता मिला। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
प्रभारी निरीक्षक अलीगंज धर्मेंद्र सिंह यादव के मुताबिक मेहंदी टोला में रत्नेश परिवार सहित रहते थे। वह एक निजी कंपनी में काम करते थे। पिता श्यामलाल ने बृहस्पतिवार सुबह सूचना दी कि उनके बेटे रत्नेश ने खुदकुशी कर ली है। पिता के मुताबिक बृहस्पतिवार सुबह रत्नेश देर तक सोकर नहीं उठा।
इस पर वह उसे जगाने गये। काफी देर तक दरवाजा खटखटाते रहे। कोई जवाब नहीं मिला। तो पड़ोसियों को बुलाया। पड़ोसियों की मदद से दरवाजा तोड़ा गया। कमरे में रत्ने का शव फंदे से लटकता मिला। जवान बेटे का शव देखकर मां-पिता की चीख निकल गई। पड़ोसियों ने पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
कमरे में मिली मां के नाम की चिट्ठी
प्रभारी निरीक्षक अलीगंज धर्मेंद्र सिंह यादव के मुताबिक कमरे में एक पत्र मिला है। जिसमें रत्नेश ने लिखा की मां मुझे माफ कर देना। मेरी बेटी का ख्याल रखना। इस जन्म में जो कार्य अधूरे रह गये हैं। वह अगले जन्म में पूरा करूंगा। अगले जन्म में भी मैं तुम्हारा बेटा बनूं मां। परिजनों ने बताया कि रत्नेश एक निजी कंपनी में काम करता था। कोविड संक्रमण काल में उसकी नौकरी छूट गई थी। उसके बाद से वह नौकरी की काफी तलाश करता रहा लेकिन नहीं मिली। जिसके कारण वह परेशान चल रहा था। खुदकुशी के समय रत्नेश की पत्नी सौम्या बेटी को साथ लेकर मायके गई थी।