प्रेस वार्ता में ऑब्स्टेट्रिक्स एंड गायनेकोलॉजिकल सोसाइटी की अध्यक्ष डॉ. प्रीति कुमार
लखनऊ। बदलते खानपान, तनाव और नियमित जांच की अनदेखी के कारण प्रसव के दौरान गंभीर स्थितियां सामने आ रही हैं। गर्भावस्था में जरा सी लापरवाही भी जच्चा और बच्चा के लिए बड़ी समस्या बन सकती है। लखनऊ ऑब्स्टेट्रिक्स एंड गायनेकोलॉजिकल सोसाइटी की अध्यक्ष डॉ. प्रीति कुमार ने बृहस्पतिवार को प्रेस वार्ता में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि शुक्रवार से आर्ट ऑफ बर्थिंग कॉन्क्लेव शुरू होगा जो तीन दिन तक चलेगा। इसमें भारत सहित अन्य देशों से डॉक्टर हिस्सा लेंगे।
उन्होंने कहा कि कई गर्भवती महिलाओं को समय पर सही सलाह और पोषण नहीं मिल पाता। जिससे एनीमिया, ब्लड प्रेशर और अन्य जटिलताएं बढ़ जाती हैं। प्रसव के दौरान इसका असर साफ दिखाई देता है। केजीएमयू क्वीनमेरी की डॉ. सुजाता देव ने कहा कि गर्भावस्था में नियमित जांच से व प्रसव के दौरान जोखिमों को काफी हद तक रोका जा सकता है। इसके लिए गर्भावस्था के दौरान नियमित जांच कराना जरूरी है। आयोजन सचिव व क्वीनमेरी की डॉ. सीमा मेहरोत्रा ने सलाह दी कि गर्भावस्था के दौरान असामान्य लक्षणों की अनदेखी न करें।