अभय मुंह ढककर होटल पहुंचा और रिसेप्शनिस्ट से युवती से मुलाकात कराने को कहा। मना करने पर वह और हरिओम धमकाने लगे। दोनों के बीच झगड़ा शुरू हो गया। इस बीच कृष्ण प्रताप सिंह ने पुलिस नियंत्रण कक्ष का नंबर मिला दिया। बाहर निकले दोनों बदमाश लौटे और उससे दोबारा झगड़ने लगे।
रिसेप्शनिस्ट ने जब कहा कि वह पुलिस को फोन करके बुलवा रहा है तो गुस्साए अभय ने तमंचा निकालकर उसपर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। पुलिस के मुताबिक, उसने चार गोलियां चलाईं जिसमें से एक रिसेप्शनिस्ट के दाएं हाथ को छूते हुए सीने में धंस गई।
खून से लथपथ रिसेप्शनिस्ट चीखते हुए गिर पड़ा जबकि हमलावर भाग निकले। गोलियां चलने से होटल में अफरातफरी मच गई। कृष्ण प्रताप सिंह को लोहिया अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
ऑनलाइन फ्रेंड्स क्लब का मतलब है अय्याशी क्लब है। एसएसपी ने बताया कि युवक-युवतियों को दोस्त बनाने अथवा उनका फ्रेंड सर्किल बढ़ाने के लिए तमाम ऑनलाइन एप उपलब्ध हैं। देश के अलग-अलग शहरों में रहने वाले युवक-युवती इन एप के जरिए ही आपस में संपर्क बनाते हैं।
इसके बाद वे मिलने का दिन और जगह तय करते हैं। कोई एक शहर तय करके वहां ओयो एप से होटल बुक कराए जाते हैं। निर्धारित तिथि पर युवक-युवती अपने होटल में पहुंचकर मिलते हैं। अक्सर ऐसी मुलाकातें ड्रग्स, शराब, अय्याशी से भरी होती हैं।
गुड वर्क : देर रात मुठभेड़ में दबोचे गए
प्रभारी निरीक्षक आनंद शाही और साइबर सेल के प्रभारी राहुल राठौर ने अभय, हरिओम व उनके एक साथी सूर्य प्रकाश सिंह उर्फ राधे को देर रात दबोच लिया। पुलिस को देखते ही तीनों ने फायरिंग की।
पुलिस ने भी जवाबी फायरिंग करते हुए घेराबंदी की तो तीनों भागने लगे। हालांकि, उन्हें दौड़ाकर पकड़ लिया गया। बदमाशों के पास से एक पिस्टल .32 बोर, चार कारतूस, दो खोखा और एक बाइक बरामद हुई है।