झगड़े के बाद रविवार शाम घर से निकली जीनत (18)की कोतवाली के टॉयलेट में फंदे पर लाश लटकी मिली। जीनत को सिपाही पूछताछ के लिए थाने ले गया था। पुलिस ने बिना परिवारीजनों को बुलाए आनन-फानन में शव वहां से हटा दिया। परिवारीजनों ने जीनत को मारकर फंदे पर लटकाने का आरोप लगाया। इसके बाद कस्बे के लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने पुलिस पर पथराव कर दिया।
कुछ ही देर में बाजार बंद हो गया और कई स्थानों पर पत्थरबाजी होने लगी। एसओ की जीप सहित कई वाहन जला दिए गए। जवाब में पुलिस ने आंसू गैस छोड़ने के साथ फायरिंग की जिसमें नदीम नामक युवक की मौत हो गई। पथराव में पुलिसकर्मियों समेत 20-25 लोग लोग घायल हुए हैं।
मूलत: गोंडा जिले के रहने वाले दूर संचार विभाग में काम करने वाले मकबूल अहमद महमूदाबाद के बेलदारी टोला में रहते हैं। उनकी बेटी जीनत (18) रविवार देर शाम भाई से हुए झगड़े के बाद घर से निकल गई। सोमवार सुबह करीब चार बजे महमूदाबाद-रेउसा मार्ग पर पर्वतपुर व बसावनपुर के बीच चीनी मिल कर्मी अमर सिंह ने जीनत को अकेले देख रोका।
जीनत के कहने पर अमर सिंह ने उसे नूरपुर पहुंचाया। अमर सिंह ने एक बैंक में डयूटी कर रहे पुलिस कर्मियों को जीनत के बारे में जानकारी दी। सिपाही ब्रह्मदेव व होमगार्ड राम इकबाल पूछताछ के बाद युवती को टैम्पो से सुबह करीब पांच बजे कोतवाली ले गए थे। इसके बाद उसकी लाश कोतवाली के टॉयलेट में फंदे से लटकी मिली।
पिता कोतवाली पहुंचा, पर पुलिस ने कुछ नहीं बताया
जीनत के फंदे पर लटकते मिलने के बाद पुलिसकर्मी घटना को दबाने में लग गए। आननफानन में पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इस बीच कोतवाली पहुंचे मकबूल से पुलिस घटना को छिपाती रही।
हालांकि तब तक इसकी भनक परिवारीजन व मोहल्ले के लोगों को लग गई। कुछ ही देर में सैकड़ों लोग कोतवाली पर जमा हो गए। परिवारीजनों ने आरोप लगया कि पुलिसकर्मियों ने युवती की हत्या कर घटना को खुदकुशी का रूप देने के लिए लाश फांसी के फंदे से लटका दी।
आगजनी, पथराव, पुलिस ने कई राउंड की फायरिंग
घटना से पुलिस के खिलाफ लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। कस्बे की दुकानें बंद करा दी गईं। पुलिस आगे बढ़ी तो लोगों ने पथराव शुरू कर दिया। बजाजा मार्ग, चिकमंडी समेत कई जगह पथराव के साथ आगजनी भी हुई। इस दौरान अटरिया थाने की जीप के साथ कई वाहन आग के हवाले कर दिए।
मौके पर पहुंचे एसपी व अन्य अधिकारियों की मौजूदगी में पुलिस ने पहले तो भीड़ पर आंसू गैस के गोले दागे व इसके बाद कई चक्र फायरिंग की। इसी बीच गोली नदीम को जा लगी और उसकी मौत हो गई। पथराव में पुलिसकर्मियों के साथ कस्बे के 20-25 लोग भी जख्मी हो गए।
देर शाम तक जारी रही पत्थरबाजी, पीएसी तैनात
महमूदाबाद पहुंचे आईजी जोन जकी अहमद ने डीएम सूर्यपाल गंगवार, एसपी राजेश कृष्ण व अन्य अधिकारियों के साथ मोर्चा संभाला। इसके बावजूद कस्बे में शाम तक रुक रुककर पत्थरबाजी जारी थी। स्थिति संभालने के लिए पूरे जिले की फोर्स के अलावा भारी संख्या में पीएसी भी लगाई गई है।