लखनऊ। पर्वतीय महापरिषद की ओर से पं. गोविंद वल्लभ पंत सांस्कृतिक उपवन में चल रहे उत्तरायणी कौथिग के चौथे दिन शुक्रवार को दिनभर रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों का दौर चला। गुनगुनी धूप खिलने से मेले में बड़ी संख्या में लोग पहुंचे।
कौथिग में उत्तराखंड से आए मेहमान कलाकारों ने मंच पर एक से बढ़कर एक सुरीले पहाड़ी गीतों से दर्शकों का मन मोह लिया। दिन की प्रस्तुतियों में विभिन्न दलों की ओर से पेश किए गए कुमाऊंनी नृत्य झोड़ा-चांचरी ने कौथिग में मौजूद दर्शकों को सम्मोहित सा कर लिया। झोड़ा दल की नायिका गोदावरी रावत, सरस्वती रावत, गंगा धपोला, चंपा मेहरा, मुन्नी रावत, हेमा तिवारी आदि के नेतृत्व में कलाकारों ने मनोहारी प्रस्तुतियां दीं तो दर्शक थिरकने लगे।
मुख्य अतिथि के तौर पर उप्र अधीनस्थ सेवाचयन बोर्ड के अध्यक्ष सत्य नारायण साबत ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों का उद्घाटन किया। अतिथि का स्वागत टीएस मनराल, केएनचंदोला, गणेश चंद्र जोशी, महेंद्र सिह रावत, नरेंद्र देवड़ी आदि ने किया।
पिथौरागढ़ से आए गायक कैलाश कुमार ने पहाड़ो को ठंडो पानी... न्योला रानी और खिड़की में भै रौली गीत सुनाया तो लोग झूमने लगे। अल्मोड़ा के कलाकार राकेश ने पहाड़ी गीत हिट दे शाई म्यर दगड़ और सुवा मेरो सुनाकर माहौल संगीतमय कर दिया। शाम की प्रस्तुतियों में उत्तराखंड सांस्कृतिक विभाग से आए मां नंदा लोक कला केंद्र अल्मोड़ा के कलाकारों ने उत्तराखंडी गीत व नृत्य पेश कर दर्शकों को मोह लिया।
प्रतियोगिताओं में बढ़-चढ़कर लिया हिस्सा
क्षेत्रीय दलों ने छपेली प्रतियोगिता झूमिगो के तीसरे सीजन में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। पहाड़ी धुनों पर देशी ठुमका प्रतियोगिता में कल्याणपुर से राधा बोरा, जौहार मुनस्यार, रामआसरे व पुष्पा नेगी के दल ने हिस्सा लिया। निर्णायक मंडल में गोपाल दत्त जोशी, जेपी डिमरी व केसी पंत रहे। अपनी बोली-अपनी भाषा प्रतियोगिता व गायन प्रतियोगिता पहाड़ की आवाज में लक्ष्मण सिंह मर्तोलिया, पंकज बाणगी, नंदा रावत, रेनू कांडपाल, रंजना जोशी व गोवर्धन कांडपाल ने हिस्सा लिया। मेले के दौरान शुक्रवार को पर्वतीय महापरिषद चिकित्सा प्रकोष्ठ के अध्यक्ष डॉ. बीएस. नेगी की अगुवाई में कौथिग स्थल पर निःशुल्क स्वास्थ्य व जांच शिविर लगाई गई। यहां डा. बलराम यादव की टीम ने लगभग 200 मरीजों की जांच की।