रायबरेली/लखनऊ। अलग-अलग कंपनियों के मोबाइल और वाई-फाई टावर लगाने के नाम पर करोड़ों की ठगी करने वाले गिरोह का एसटीएफ ने राजफाश किया है। गोमतीनगर से एसटीएफ ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनके खिलाफ रायबरेली व अमरोहा में रिपोर्ट दर्ज है।
एसटीएफ के डिप्टी एसपी प्रमेश कुमार शुक्ल के मुताबिक काफी दिनों से फर्जीवाड़ा की सूचना मिल रही थी। धर-पकड़ के लिए टीम बनाई गई थी। इस दौरान पता चला कि गिरोह गोमतीनगर के विदर्भखंड में किसी से मिलने आने वाला है। घेराबंदी कर देवरिया जिले के गौरी बाजार तेंदुआवारी निवासी सुनील श्रीवास्तव, अजय कुमार सिंह, अतीउल्लाह अंसारी, पदुम नाम दूबे और कुशीनगर के सेमरा निवासी गंगेश्वर पांडेय को गिरफ्तार किया गया।
आरोपियों के पास से आठ मोबाइल फोन, 13 हजार रुपये, टावर लगाने के छह स्वीकृति पत्र, प्रधान कलावती का मोबाइल टावर लगवाने का आवेदन पत्र और भारत वाईफाई कंपनी के एमडी की ओर से जारी फर्जी एनओसी समेत अन्य जाली दस्तावेज बरामद किए गए हैं। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि गिरोह बनाकर काम करते हैं। अलग-अलग जनपदों में प्रधानों व लोगों से फोन के माध्यम से संपर्क करते हैं। इसके बाद रजिस्टर्ड पत्र भेजकर विभिन्न कंपनियों के टावर लगवाने की बात कहते हैं।
नौकरी और वेतन का देते थे झांसा
आरोपी 20-30 लाख रुपये एडवांस मनी, परिवार के एक व्यक्ति को 25 हजार प्रति माह की नौकरी और जगह का किराया 25 हजार प्रति माह देने का झांसा देते थे। लोगों के तैयार हो जाने पर पंजीकरण शुल्क के नाम पर 780 रुपये, प्रोसेसिंग चार्ज के तौर पर 15-20 हजार रुपये जमा कराते हैं। यही नहीं, एडवांस राशि को बैंक से रिलीज कराने के नाम पर 1-5 प्रतिशत कमीशन जमा कराते हैं। व्हाट्सएप पर आवेदक को बीएसएनएल से जारी जाली अनापत्ति प्रमाण पत्र, संबंधित मोबाइल कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर की फर्जी एनओसी व स्वीकृति पत्र भेजकर गुमराह करते हैं।
वर्ष 2013 से फर्जीवाड़ा कर रहा गिरोह
गिरोह वर्ष 2013 से ठगी कर रहा है। छानबीन में सामने आया कि टावर लगवाने के नाम पर अमरोहा के आदमपुर में भी ठगी की थी और रायबेली के डलमऊ निवासी प्रेम बाबू से भी पैसे हड़पे थे। दोनों मामलों में रिपोर्ट भी दर्ज की गई थी। गिरोह के खिलाफ प्रतापगढ़ व सीतापुर समेत अन्य जिलों में भी केस दर्ज हैं। आरोपियों को रायबरेली पुलिस के हवाले कर दिया गया है।
रायबरेली के एसपी डॉ. यशवीर सिंह ने भी आरोपियों की धरपकड़ के लिए टीम लगाई थी। डलमऊ पुलिस और एसटीएफ ने रैकेट के पांच सदस्यों को गिरफ्तार करने के बाद पूछताछ की तो पता लगा कि रैकेट में निरंकार सिंह और रोहित सिंह भी शामिल हैं। पुलिस दोनों की धरपकड़ में लग गई है।