बाराबंकी में लगभग एक महीने पूर्व सफेदाबाद इलाके में एक ही परिवार के पांच लोगों की आत्महत्या की गुत्थी अभी तक सुलझी भी नहीं थी कि मंगलवार को एक बार फिर से ठीक वैसी ही घटना ने सनसनी फैला दी। शहर के आवास विकास कॉलोनी के एक मकान में एक पूरे परिवार ने फांसी के फंदे पर झूलकर मौत को गले लगा लिया है। इस सूचना पर पुलिस के हाथ-पांव फूल गए और जिले के आला अधिकारी मौके पर पहुंचे।
पुलिस ने फॉरेंसिक टीम को बुलाकर घटना की तह तक जाने के लिए जांच शुरू कर दी है। जांच में पता चला कि यह परिवार मूलरूप से जनपद मऊ का निवासी है और यहां किराए पर रहता था । मृतक के पास से जो सुसाइड नोट व वीडियो क्लिप मिले हैं उससे परिवारिक संपत्ति का विवाद बताया जा रहा है। हालांकि पुलिस ने सभी के शव पोस्टमार्टम के लिए भेजकर जांच शुरू की है।
पुलिस के मुताबिक मूलरूप से जिला मऊ के घोसी थाना क्षेत्र के ग्राम पिढ़वल जमालपुर निवासी ललित किशोर गौड़ (40) और उनकी पत्नी प्रीति(33) व दो पुत्र प्रेम (12) और अकृत(8) के साथ शहर कोतवाली के आवास विकास कालोनी निवासी योगेंद्र सिंह के मकान में दूसरी मंजिल पर दो वर्षों से किराए पर रह रहे थे।
मंगलवार सुबह करीब दस बजे दूध वाला आया और पुकारने लगा। जब काफी देर तक दरवाजा नहीं खुला तो उसने खिड़की से झांक कर देखा तो पति का शव आगे वाले कमरे में लटक रहा था। घबराकर उसने पुलिस को सूचना दी।
मौके पर पहुंचे पुलिसकर्मी दरवाजा तोड़कर अंदर दाखिल हुए तो वहां पर दो बच्चों और पति-पत्नी के शव फांसी के फंदे से लटक रहे थे। इस बीच पहुंचे पुलिस अधीक्षक डॉ. अरविंद चतुर्वेदी, एएसपी आरएस गौतम, सीओ सिटी सुशील कुमार सिंह, कोतवाल पंकज सिंह के साथ फोरेंसिंक टीम ने जांच शुरू की तो पुलिस को मौके से सुसाइड नोट टीवी की स्क्रीन पर चस्पा मिला है। पुलिस घर से मिले लैपटॉप को खंगाल रही है।