लखनऊ। चक गंजरिया स्थित कल्याण सिंह कैंसर संस्थान में रेडिएशन बेहद सटीक तरीके से शरीर को बिना नुकसान पहुंचाए दिया जा सकेगा। इसके लिए संस्थान में आधुनिक टोमोथेरेपी मशीन आने वाली है। प्रदेश सरकार ने इसके लिए 40 करोड़ रुपये जारी कर दिए हैं।
संस्थान के निदेशक प्रो. एमएलबी भट्ट ने बताया कि मशीन में रेडियोथेरेपी से पहले ट्यूमर का सीटी स्कैन जैसी तस्वीर खिंच जाती है। इससे रेडिएशन की सटीक खुराक दी जाती है। मशीन सीटी स्कैन की तरह से शरीर के चारों तरफ घूमकर कैंसर पर चौतरफा वार करती है। इससे सिर, गर्दन, लार ग्रंथि, रीढ़ के ट्यूमर और बच्चों के कैंसर में सटीक तरीके से रेडिएशन दिया जा सकता है।
अगले तीन से चार महीने में मशीन संस्थान में पहुंच जाएगी। चिकित्सा अधीक्षक डॉ. विजय वरुण ने बताया कि इसके साथ ही पांच करोड़ रुपये की लागत से न्यूरो सर्जरी विभाग में माइक्रोस्कोप, 2.5 करोड़ रुपये की डिजिटल पैथोलॉजी मशीन, 1.5 करोड़ रुपये से लिक्विड बेस्ड साइटोलॉजी, 2.5 करोड़ रुपये से डिजिटल फ्लोरोस्कोप और 2.8 करोड़ रुपये से मॉलेक्यूलर जांच संबंधी मशीनें भी ली जाएंगी। इसका बजट भी जारी किया जा चुका है।
संस्थान में रोज आ रहे कैंसर के 600 मरीज
कैंसर संस्थान की ओपीडी में रोजाना 600 से अधिक मरीज आ रहे हैं। 220 मरीजों की भर्ती हो रही है। संस्थान में बीते दिनों आधुनिकतम साइबर नाइफ मशीन लाई गई है। इन मशीनों के आने के बाद यहां मरीजों की संख्या और बढ़ने का अनुमान है।