बांकेबिहारी मंदिर में भक्तों की भीड़
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मथुरा के बांके बिहारी मंदिर में आरती के दौरान दम घुटने से दो श्रद्धालुओं की मौत के मामले को शासन ने गंभीरता से लिया है। इस प्रकरण की जांच के लिए शासन ने पूर्व डीजीपी सुलखान सिंह की अध्यक्षता में दो सदस्यीय समिति का गठन किया है। कमेटी में अलीगढ़ के मंडलायुक्त गौरव दयाल भी हैं। कमेटी को 15 दिन में रिपोर्ट देनी होगी। इस संबंध में अपर मुख्य सचिव अवनीश कुमार अवस्थी ने आदेश जारी कर दिया है।
गौरतलब है कि बांके बिहारी मंदिर में शनिवार सुबह आरती के दौरान उमड़ी भीड़ के चलते हुए भगदड़ में महिला व पुरुष श्रद्धालुओं की मौत हो गई थी। इसके लिए पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को जिम्मेदार माना गया है। घटना के समय अपने परिवार के साथ मौजूद होने के बाद भी कुछ पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के मूक दर्शक बने रहने के वीडियो भी वायरल हुए हैं।
मंदिर में व्यवस्थाओं के लिए मांगे सुझाव
शासन ने समिति को निर्देश दिया है कि वह प्रकरण की जांच करने के साथ ही भविष्य में ऐसी घटना न हो, इस पर सुझाव दे। इसके अलावा समिति यह भी बताए कि मंदिर में भीड़ बढ़ने पर व्यवस्थाओं में क्या-क्या आवश्यक सुधार किए जाएं।
शासन ने डीएम से मांगा श्रीबांकेबिहारी मंदिर का राजस्व रिकॉर्ड
अपर मुख्य सचिव अवनीश अवस्थी ने डीएम मथुरा से वृंदावन स्थित श्री बांके बिहारी मंदिर के स्वामित्व वाली जमीन से जुड़ा राजस्व रिकॉर्ड मांगा है। इसमें आजादी से पूर्व 31 मार्च 1939 में मुंसिफ मजिस्ट्रेट मथुरा का संदर्भ लेते हुए राजस्व अभिलेख, खतौनी और नगर निगम रिकॉर्ड में मंदिर की स्थिति, बिजली के कनेक्शन का विवरण भी देने को कहा है।