फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Lucknow: ठेलिया पर शव ले जाने के मामले में डिप्टी सीएम खफा, जांच के आदेश, दो सदस्यीय कमेटी गठित

Tue, 28 Mar 2023 05:33 PM IST
ishwar ashish माई सिटी रिपोर्टर, अमर उजाला, लखनऊ

सार

उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने ठेलिया पर शव ले जाने के एक मामले में जांच के आदेश दिए है। इसके लिए दो सदस्यीय कमेटी का गठन कर दिया गया है।
विज्ञापन
इस घटना का वीडियो वायरल हो गया। - फोटो : amar ujala
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

मोहनलालगंज सीएचसी में मौत के बाद पांच किमी तक ठेलिया पर शव ले जाने के मामले को लेकर डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक खफा हैं। उन्होंने सीएमओ को मामले की जांच के आदेश दिए हैं। वहीं सीएचसी प्रभारी की लापरवाही सामने आने पर उन पर कार्रवाई होगी। सीएमओ का कहना है कि जांच के लिए दो सदस्यीय कमेटी गठित कर दी गई है। सीतापुर निवासी पिंटू (60) मोहनलालगंज के शंकरबक्श खेड़ा गांव में कबाड़ का धंधा करता था। बुधवार को गांव के पास पुलिया से गिरकर घायल हो गया था।

विज्ञापन


आर्थिक तंगी के कारण वह दो दिनों तक घर पर रुका रहा। शनिवार को हालत गंभीर होने पर पत्नी अनीशा उसे ठेलिया पर लादकर सीएचसी लाई। जहां डाॅक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पत्नी ने शव को घर तक ले जाने के लिए मदद की गुहार लगाई। कोई मदद के लिए आगे नहीं आया। नतीजा ठेलिया पर शव लादकर पत्नी पांच किमी तक ले गई।

ये था पूरा मामला - ठेले पर पति का शव... पीछे-पीछे पत्नी, जिसने भी देखा ठिठक गया

ये भी पढ़ें - साक्षात्कार: अखिलेश बोले- BJP को हटाने के लिए क्षेत्रीय दलों का सहयोग करे कांग्रेस, अतीक को लेकर दिया ये जवाब

विज्ञापन


रविवार को सोशल मीडिया पर इसका वीडियो वायरल हुआ तो विभाग में खलबली मच गई। सीएमओ डॉ. मनोज ने बताया कि एडिशनल सीएमओ डॉ. आरवी सिंह व डिप्टी सीएमओ डॉ. केडी मिश्रा को मामले की जांच सौंपी गई है।

विपक्षी राजनीतिक दलों ने कसा तंज

विज्ञापन

ठेलिया पर शव ले जाने का मामला सोमवार को पूरे दिन सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। राजनीतिक दलों ने ट्विटर पर स्वास्थ्य महकमें की खूब फजीहत की। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने ठेले पर यूपी की स्वास्थ्य व्यवस्था का तंज कसते हुए टि्वटर पर पोस्ट डाली। वहीं ठेलिया पर शव ले जाने के मामले में फजीहत के बाद अफसर उसमें लीपापोती करने में जुटे हैं। आरोप है कि स्वास्थ्य विभाग के अफसर मामले को दबाने में जुटे थे।

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें