प्रदेश को नया प्रमुख सचिव गृह मिले अभी ज्यादा दिन नहीं हुए, अगले की आहट सुनाई देने लगी। हालात ये हैं कि आरएम श्रीवास्तव के बाद कोई भी प्रमुख सचिव साल पूरा नहीं कर पाया।
इस साल तो तीन मुखिया बदल गए। तीनों तीन माह भी नहीं टिक पाए। बहरहाल इस पद के लिए लामबंदी तेज हो चली है।सपा की सरकार बनने के बाद 1982 बैच के आईएएस आरएम श्रीवास्तव को तैनाती मिली।
सांप्रदायिक दंगों की बाढ़ व विभाग के सचिव की ओर से राम मंदिर निर्माण से जुड़ा एक विवादित पत्र जारी होने के कुछ दिन बाद उन्हें 15 अक्तूबर 2013 को हटा दिया गया।
इसके बाद आए 1979 बैच के आईएएस अफसर अनिल कुमार गुप्ता। ठंड से मौत पर विवादित बयान से चर्चा में आए गुप्ता को रेप की बढ़ती घटनाओं के बाद गत तीन जून को हटा दिया गया।
इसके बाद 1982 बैच के आईएएस अफसर प्रमुख सचिव सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण दीपक सिंघल को तैनाती मिली। इस अहम पद के साथ दीपक के पास सिंचाई विभाग का काम भी बना रहा।
वे 15 दिन भी इस कुर्सी पर नहीं रह पाए। सिंघल के बाद आए 1979 बैच के आईएएस राकेश बहादुर। इसी बीच मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव राकेश गर्ग केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर चले गए तो सीएम ने बहादुर को अपना प्रमुख सचिव बना लिया।
मगर वे इस पद पर डेढ़ महीना भी नहीं रह पाए। इसके बाद आए 1982 बैच के अधिकारी नीरज कुमार गुप्ता को 26 जुलाई को इस पद की जिम्मेदारी दी गई।
गुप्ता इसके पहले प्रमुख सचिव उच्च शिक्षा व प्राविधिक शिक्षा के साथ अपर स्थानिक आयुक्त नई दिल्ली के पद पर भी तैनात थे।
सरकार ने गुप्ता को यह अहम जिम्मेदारी दी लेकिन उच्च शिक्षा व अपर स्थानिक आयुक्त की जिम्मेदारी से मुक्त नहीं किया। प्राविधिक शिक्षा से जरूर फुर्सत दे दी। अब नीरज को केंद्र में प्रतिनियुक्ति पर तैनाती मिल गई है।