जो लोग यह सोच रहे हैं कि वह 2016 में सफर करेंगे उनके लिए बुरी खबर है। मेट्रो रेल निर्माण में शुरुआती तेजी के बाद एक बार फिर काम की रफ्तार धीमी हो गई है। पिछले 19 दिनों में सिर्फ 14 गर्डर रखे जा सके हैं। इस सुस्ती पर मुख्य सचिव आलोक रंजन ने नाराजगी जताई है।
उनकी ओर से जारी निर्देश में कहा गया है कि ट्रांसपोर्ट नगर से चारबाग तक 400 गर्डर रखे जाने हैं। यदि काम की यही रफ्तार रही तो 2016 तक सिर्फ गर्डर रखने का ही काम चलता रहेगा। जबकि इस अवधि में तो मेट्रो चलाने का दावा किया गया है।
मुख्य सचिव ने एलएमआरसी को सिविल निर्माण कार्य में और अधिक तेजी लाने का निर्देश दिया है। मुख्य सचिव ने कहा है कि मेट्रो निर्माण में टाइम लाइन का ध्यान रखें। निर्माण कार्य के साथ-साथ टेंडर और डिपो का काम भी तेज किया जाए।