मौलवीगंज स्थित सेवईं मंडी शाम होते ही चोरी की बिजली से रोशन हो जाती है।
खास बात यह है कि यह मंडी एसडीओ (उपखंड अधिकारी) एवं जूनियर इंजीनियर के दफ्तर से चंद कदम की दूरी पर स्थित है और बिजली चोरी करने के लिए एक लाइनमैन ने उपकेंद्र से शट डाउन लेकर सेवई कारोबारियों को अवैध कनेक्शन दिए हैं।
100-100 रुपये में सीधे ट्रांसफार्मर से बिजली चोरी कराई जा रही है और यह गोरखधंधा दस दिनों से जारी है।
अमीनाबाद उपकेंद्र से चंद कदम दूर मौलवीगंज में यह सेर्वइं मंडी स्थित है। मंडी में कितनी दुकानें हैं, इनकी गिनती करना संभव नहीं है।
दिखाने के लिए एक कारोबारी को अस्थाई कनेक्शन जारी किया गया है। दो स्कूलों की बाउंड्री के सहारे लगी इस सेवईं मंडी को चिकमंडी एवं कच्चा हाता ट्रांसफार्मर से सीधे बिजली चोरी कराने के लिए लाइन बिछाई गई है।
यह लाइन दुकानों के पीछे बिछी होने के कारण इस पर किसी की नजर नहीं पड़ती है। लाइनमैन ने अवैध कनेक्शन जोड़ने के लिए अलग से एक-एक कारोबारी से 100-100 रुपये की उगाही की। वहीं उपकेंद्र का एक दलाल इस बिजली चोरी के एवज में कारोबारियों से 100-100 रुपए रोजाना की उगाही कर सबको हिस्सा पहुंचा रहा है।
इसी बिजली चोरी के चलते मौलवीगंज, पांडेयगंज, मशकगंज, गौसनगर आदि इलाके में बिजली आपूर्ति में व्यवधान आ रहा है।
एक दुकान में औसतन करीब पांच किलोवाट का विद्युत लोड है। सेवईं की दुकान में 500-500 एवं 1000-1000 वाट के हेलोजन लगे हैं। यह हेलोजन शाम को ही नहीं दुकानों में दिन भर जलते हैं।
इसके चालू होने से ट्रांसफार्मर एवं लाइनों के ओवर लोड के कारण बिजली संकट की समस्या उत्पन्न होती है।