मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के रैन बसेरों का भ्रमण शुरू करने के बाद राजस्व विभाग ने 42 जिलों के लिए 9.65 करोड़ रुपये और जारी किए हैं। इसके पहले 27.35 करोड़ रुपये जिलों को उपलब्ध कराए जा चुके हैं।
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मुख्यमंत्री ने इस रकम का उपयोग निराश्रित, असहाय व कमजोर वर्ग के असुरक्षित व्यक्तियों को राहत पहुंचाने के लिए करने को कहा है। उन्होंने अफसरों को आगाह किया है कि कहीं से भी कंबल, अलाव, आवश्यक दवाओं व शेल्टर होम के अभाव में किसी व्यक्ति की मृत्यु या बीमार की शिकायत नहीं मिलनी चाहिए।
मुख्यमंत्री योगी प्रदेश में कड़ाके की ठंडक बढ़ने के बाद पिछले कई दिनों से गरीबों, निराश्रित लोगों, असहाय व कमजोर वर्ग को राहत पहुंचाने के लिए किए जा रहे कार्यों की जानकारी के लिए स्थलीय निरीक्षण कर रहे हैं। वह लखनऊ व वाराणसी में रैन बसेरों की व्यवस्था का जायजा ले चुके हैं।
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इसके बाद राजस्व विभाग ने राहत कार्यों के लिए 42 जिलों को प्रति तहसील 5 लाख रुपये जारी किए। इसके पहले नंवबर में प्रत्येक तहसील को 5-5 लाख रुपये कंबल खरीदने व 50-50 हजार रुपये अलाव जलाने के लिए दिए गए थे। जिलों से राहत के लिए अतिरिक्त पैसे की मांग की गई तो 33 जिलों को 8.13 करोड़ रुपये और जारी किए गए।
अब बकाया 42 जिलों को समान रूप से 5-5 लाख रुपये दिए गए हैं। शासन ने जिलाधिकारियों से कहा है कि यदि किसी जिले को कंबल खरीदने के लिए और पैसा चाहिए तो उसे भी दिया जाएगा। लेकिन, इसके पहले जारी धन में से 80 फीसदी खर्च करने की जानकारी देनी होगी।
उन्होंने अफसरों को जिलों में कंबल वितरण के बड़े आयोजन करने, रात्रि भ्रमण कर कंबल बांटने और ज्यादा से ज्यादा जगहों पर अलाव जलाने के निर्देश दिए हैं। रैन बसेरों में सभी आवश्यक सुविधाएं मुहैया करवाने को कहा है।
प्रदेश सरकार के प्रवक्ता ने बताया कि प्रदेश में कुल 2.89 लाख कंबल वितरित किए गए हैं। इसके अलावा ठंड से बचाव के लिए प्रदेश भर में 12 हजार स्थानों पर अलाव की व्यवस्था की गई है। 700 रैन बसेरे बनाये गए हैं।