लखनऊ। मेमौरा एयरफोर्स स्टेशन और उसकी कॉलोनी की बिजली आपूर्ति व्यवस्था में सुधार किया जाएगा। इस महत्वपूर्ण कार्य के लिए एयरफोर्स को लगभग 85 लाख रुपये का अतिरिक्त व्यय करना होगा। एक अत्याधुनिक प्रणाली स्थापित की जाएगी, जो बिजली आपूर्ति में होने वाली रुकावटों को कम करेगी।
मुख्य अभियंता महफूज आलम के अनुसार, एयरफोर्स प्रशासन को सुधार कार्य का एस्टीमेट सौंपा जा चुका है और उम्मीद है कि एक सप्ताह में यह जमा हो जाएगा। इसके तुरंत बाद काम शुरू कर दिया जाएगा। लगभग 11 करोड़ रुपये की लागत से नई बिजली लाइन पिछले साल मई में ही बनाई गई थी, लेकिन इसके बावजूद बिजली आपूर्ति बाधित हो रही थी।
नई प्रणाली में नवीनतम तकनीक का उपयोग करते हुए ऐसे उपकरण लगाए जाएंगे जो भूमिगत 33 केवी लाइन में खराबी आने पर स्वचालित रूप से ओवरहेड 33 केवी लाइन से बिजली बहाल कर देंगे। इसी तरह, ओवरहेड लाइन में समस्या आने पर बिजली भूमिगत लाइन से चालू हो जाएगी। यह दोहरी प्रणाली बिजली गुल होने की समस्या को काफी हद तक समाप्त कर देगी।
रिंग मेन्स यूनिट से जुड़ेगी लाइनें
बिजली व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए 220 केवी ट्रांसमिशन उपकेंद्र सरोजनीनगर पर एक रिंग मेन्स यूनिट स्थापित की जाएगी, जो भूमिगत और ओवरहेड लाइनों को आपस में जोड़ेगी। इस यूनिट की स्थापना पर 30 से 35 लाख रुपये खर्च होंगे। इसके अतिरिक्त, एयरफोर्स प्रशासन ने बिजली की बढ़ती मांग को देखते हुए विद्युत लोड बढ़ाने का भी अनुरोध किया है। इन दोनों कार्यों को मिलाकर 85 लाख रुपये का एस्टीमेट बना है।
जांच के बाद इंजीनियरों पर गिरी गाज
बार-बार बिजली गुल होने की शिकायतों के बाद, तत्कालीन अधिशासी अभियंता सुदेश कुमार, एसडीओ श्याम वीर सिंह, और जेई सास्वत भूषण को निलंबित कर दिया गया था। इस प्रकरण की विस्तृत जांच मुख्य अभियंता वीपी सिंह कर रहे हैं, जिसमें सात इंजीनियरों के लिए आरोप पत्र तैयार किए गए हैं। मध्यांचल निगम प्रबंधन ने निलंबित अधिशासी अभियंता सुदेश कुमार के स्थान पर शशांक को नई जिम्मेदारी सौंपी है।