महाकुंभ से बड़ी संख्या में रेलमार्ग से भी अयोध्या में श्रद्धालुओं का आगमन हो रहा है। अयोध्या आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए नगर आयुक्त संतोष कुमार शर्मा ने शाम को रेलवे स्टेशन कैंट के आसपास और गुरु गोविंद सिंह चौराहे पर लाउड स्पीकर के माध्यम से अपील की कि वे रेलवे स्टेशन कैंट के निकट बने आश्रय स्थल में ही ठहरें। यह अनुरोध श्रद्धालुओं के ठहरने के लिए सुरक्षित और सुविधाजनक स्थान प्रदान करने के उद्देश्य से किया गया। रेल मार्ग से आने वाले श्रद्धालुओं की भीड़ की मानीटरिंग भी की जा रही है।
दशरथ महल से हनुमानगढ़ी की ओर नहीं जा सके श्रद्धालु
सिद्धपीठ हनुमानगढ़ी में भी दर्शन की व्यवस्था बदलनी पड़ी। सुबह लगभग 11 बजे हनुमानगढ़ी में भीड़ अचानक बढ़ गई। बड़ी संख्या में श्रद्धालु दशरथ महल की ओर से हनुमानगढ़ी प्रवेश द्वार की ओर आने लगे तो भीड़ का दबाव एकाएक बढ़ गया। हालात अनियंत्रित होते दिखे तो दशरथ महल से हनुमानगढ़ी की ओर आने वाले रास्ते को बंद करना पड़ा। हनुमानगढ़ी में मुख्य प्रवेश द्वार से श्रद्धालु प्रवेश करते रहे जबकि वीआईपी मार्ग से श्रद्धालुओं की निकासी रामपथ की ओर होती रही।
तीन मार्गों पर बन गए होल्डिंग एरिया
रामनगरी में लगातार बढ़ रही श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए व्यापक इंतजाम किए गए हैं। गोंडा, अंबेडकरनगर, सुल्तानपुर और लखनऊ रोड पर होल्डिंग एरिया बना दिया गया है, ताकि भीड़ बढ़ने पर श्रद्धालुओं को वहां रोका जा सके। वहीं केरल, तमिलनाडु, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, गोवा, महाराष्ट्र और गुजरात से बड़ी से संख्या में श्रद्धालु दर्शन को अयोध्या पहुंच रहे हैं।