केंद्र सरकार ने 6260 किलोमीटर लंबे 63 मार्गों को नेशनल हाई-वे में बदलने की मंजूरी दे दी है। उपमुख्यमंत्री केशव मौर्य ने ट्वीट कर कहा ‘अब कम होंगी मंजिलों की दूरियां।’
ट्वीट में उन्होंने बुंदेलखंड के विकास के लिए झांसी से जालौन-उरई होते हुए आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे तक 6-लेन राष्ट्रीय राजमार्ग और गोवर्धन परिक्रमा के लिए नये राष्ट्रीय राजमार्ग के निर्माण पर भी केंद्र के सहमत होने की जानकारी दी।
12 जून को दिल्ली में सीएम योगी आदित्यनाथ, केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी और उप मुख्यमंत्री केशव मौर्य के बीच सड़कों और पुलों को लेकर लंबी बातचीत हुई थी।
उपमुख्यमंत्री केशव मौर्य ने बताया कि करीब एक लाख करोड़ रुपये की परियोजनाओं को मंजूरी मिल चुकी है। इसमें केंद्रीय मार्ग निधि योजना के तहत 10 हजार करोड़ रुपये के काम होंगे।
इन मार्गों पर खर्च होगा इतना धन
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झांसी से जालौन-उरई-बेला होते हुए आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे तक 320 किमी. लंबी छह लेन सड़क का निर्माण होगा, जिस पर 9600 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इलाहाबाद में 3500 करोड़ रुपये की लागत से 76 किलोमीटर लंबी इनर रिंग रोड बनेगी।
इलाहाबाद में ही गंगा नदी पर फाफामऊ के पास 2460 करोड़ रुपये की लागत से 4 किमी. लंबा छह लेन पुल बनेगा। इसके अलावा झांसी-चित्रकूट-इलाहाबाद राष्ट्रीय मार्ग को 4-लेन किया जाएगा। गोरखपुर में 35 किमी. लंबे बाईपास का निर्माण होगा।
वहीं, 99 किमी. लंबे गोवर्धन परिक्रमा पर चार लेन मार्ग का निर्माण प्रस्तावित है। लखनऊ में सात एलिवेटेड मार्ग भी बनेंगे। बरेली महानगर के दक्षिण में बाईपास का निर्माण, कानपुर, मेरठ व मुरादाबाद के चारों ओर बाईपास और रिंग रोड, बरेली में एनएच-24 के बाईपास और बरेली-बीसलपुर मार्ग पर रेलवे क्रॉसिंग पर फ्लाईओवर का निर्माण और बरेली में सेटेलाइट बस स्टेशन से हवाई अड्डे तक 4-लेन मार्ग का निर्माण भी होगा।