मेट्रो की सौगात के बाद अब राजधानी का कायाकल्प करने की तैयारी शुरू हो गई
है।
इसके साथ ही शहर के यातायात को और सुचारु और सुगम बनाने के लिए आठ नए
पुल और विभिन्न मार्गों पर फ्लाईओवर बनाए जाने का प्रस्ताव है।
शनिवार को
मंडलायुक्त की अध्यक्षता में हुई बैठक में अर्बन मास्ट ट्रांजिट कार्पोरेशन
द्वारा बनाए जा रहे सिटी मोबिलिटी प्लान और बेहतर बनाने पर चर्चा की गई।
बैठक
के दौरान मंडलायुक्त संजीव सरन ने लखनऊ में मेट्रो परियोजना आने के
मद्देनजर यातायात व्यवस्था में आवश्यक बदलाव के लिए उठाए जाने वाले कदमों
पर विचार करने के निर्देश दिए।
इसके लिए सभी विभागों से सुझाव मांगे गए।
सिटी मोबिलिटी प्लान के तहत राजधानी में कई पुलों का निर्माण होना
है। मंडलायुक्त ने कहा कि मेट्रो परियोजना का कार्य शुरू होने से पूर्व भी
विभिन्न मार्गों पर यातायात को सुगम बनाए रखने के लिए आवश्यक प्रबंध करने
होंगे।
इसके लिए जरूरी होगा कि पहले से ही सिटी मोबिलिटी प्लान तैयार कर
लिया जाए। जिससे विकास के साथ स्थानीय स्तर पर असुविधाओं का सामना न करना
पड़े और लोगों को यातायात की समस्याओं से न जूझना पड़े।
उन्होंने बैठक में
मौजूद अधिकारियों को संबंधित दिशा में कारगर योजना के बारे में प्रस्ताव
बनाने को कहा। उन्होंने कहा कि प्लान को तीन चरण में पूरा किए जाने का
निर्देश दिया गया है।
इन सभी परियोजनाओं को पूरा करने के लिए प्रस्ताव बनाए
जाएंगे। इसमें केंद्र व राज्य सरकार के अलावा स्थानीय निकाय के मद को
शामिल करते हुए परियोजनाओं का खाका बनाने की बात कही गई है।
बैठक में एलडीए
उपाध्यक्ष अष्टभुजा तिवारी, नगर आयुक्त राकेश कुमार सिंह समेत आवास विकास
परिषद, राज्य सेतु निगम, लोक निर्माण विभाग, एनएचएआई के अलावा यातायात
विभाग के अधिकारियों ने भी भाग लिया।
इन इलाकों में बनेंगे पुल
- अलीगंज सीतापुर स्थित पुरनिया रेलवे क्रॉसिंग
- सुल्तानपुर रोड के अर्जुनगंज पर निर्माणाधीन सेतु
- माल एवेन्यू स्थित रेलवे क्रॉसिंग पर ओवर ब्रिज
- गोमतीनगर विस्तार सेक्टर सात में फ्लाई ओवर
- टेढ़ी पुलिया व राम-राम बैंक चौराहा
- गोमती पर विस्तार वाले क्षेत्रों में दो और पुल