लखनऊ। भीषण गर्मी के कारण बिजली व्यवस्था चरमरा गई है। शुक्रवार रात से शनिवार शाम तक 50 बिजली खंभों के तारों में आग लग गई। इससे उपभोक्ता 7 से 19 घंटे तक बिजली और पानी के लिए परेशान रहे। उपकेंद्र के कर्मचारी अव्यवस्था से जूझते रहे, जबकि अधिकारी एयरकंडीशन कमरों से व्यवस्था की निगरानी करते रहे।
आलमबाग के रेलवे पावर हाउस में शनिवार सुबह 9:20 बजे 33 हजार वोल्ट की आपूर्ति फेल हो गई। एक ऑपरेटर इसे महज 10 मिनट में दूसरे स्रोत से चालू कर सकता था, लेकिन 33 केवी के जिम्मेदार दूसरे होने के कारण बिजली सुबह 10:40 बजे चालू हो सकी। एक्सईएन कृष्णानंद ने बताया कि उन्हें उपकेंद्र ठप होने की जानकारी ही नहीं थी।
वहीं, नादान महल सड़क उपकेंद्र के अशर्फाबाद में शुक्रवार रात करीब 10 बजे खंभे की एबीसी में आग लगी। इससे 700 घरों में शनिवार सुबह 5 बजे तक बिजली गुल रही। दोपहर 12 बजे फिर तार टूटने से दो घंटे और बिजली गुल हो गई। उपभोक्ता गुड्डू ने बताया कि सात घंटे बिजली न होने से उनकी दुकान की आइसक्रीम पिघल गई। अधीक्षण अभियंता कमलेश कुमार ने बताया कि कई जगह खंभों में आग लगने से उपभोक्ताओं को परेशानी हुई।
इन इलाकों में भी घंटों रहा संकट
- चौक स्थित राजा बाजार क्षेत्र में शुक्रवार रात 10 बजे तार आपस में चिपक गए। इससे भावना सिंह रोड, नाला बेगमगंज और भीम नगर जैसे इलाकों में रात भर अंधेरा रहा। बिजली कर्मी तारों को सही करके गए, लेकिन शनिवार सुबह 9:30 बजे तार फिर जल गए। इससे 500 परिवारों में शुक्रवार रात से शनिवार शाम तक 19 घंटे बिजली और पानी का संकट रहा।
- इंदिरानगर के बी ब्लॉक स्थित तिकोनिया पार्क के वेंडर सेंटर के पास शनिवार दोपहर करीब तीन बजे एबीसी लाइन जलने लगी। तारों पर दौड़ती आग देखकर आसपास के दुकानदारों में भगदड़ मच गई। सूचना मिलने पर बिजली आपूर्ति बंद की गई। एक घंटे बाद कर्मचारी बिजली चालू करने पहुंचे।
एबीसी गुणवत्ता पर उठे सवाल
उपभोक्ता शैल श्रीवास्तव, अमरनाथ मिश्र और आशीष ने एबीसी की गुणवत्ता पर संदेह जताया है। उनका कहना है कि जिस तरह से एबीसी पिघल रही है और उसमें आग लग रही है, वह घटिया गुणवत्ता का संकेत है। उपभोक्ताओं ने प्रबंधन से एबीसी की गुणवत्ता की जांच कराए जाने की मांग की है।
बिजली के जलते तार।
बिजली के जलते तार।
बिजली के जलते तार।
बिजली के जलते तार।