ये भी हैं धुरंधर:
भानु प्रकाश वर्मा (99.66), अर्जुन अग्रवाल (99.63), आशुतोष प्रताप सिंह (99.58), आदित्य राजपूत (99.57), अर्णव सिंह (99.47), अभिनव सिंह (99.45), मो. सायम सुल्तान (99.39), सिद्धिमा शुक्ला (99.39), शिखर कुमार सिंह (99.36), आरूष कुमार (99.32), ईसाम साजिद अंसारी (99.30), उत्सव यादव (99.27), आदित्य सिंह (99.27), दिव्य श्रीवास्तव (99.26), संदर्भ मिश्रा (99.24), भव्या गुप्ता (99.17), मो. अली उमर (99.11), संकल्प मिश्रा (99.11), अथर्व सिंह भदौरिया (99.09) व निश्छल दुबे (99.06) आदि शामिल हैं।
भाई से मिली प्रेरणा, मम्मी ने दिया साथ
इंजीनियरिंग क्षेत्र में जाने की प्रेरणा बड़े भाई यथार्थ से मिली। इस सफलता में मम्मी सारिका श्रीवास्तव का साथ रहा। पिता विकास श्रीवास्तव के देहांत होने के बाद मम्मी ने हम सभी को संभाला। हर दिन नौ से 10 घंटे की पढ़ाई से ही यहां तक का रास्ता पूरा हुआ। पिछले साल भी परीक्षा दिए थे, लेकिन उस दौरान सफलता नहीं मिल सकी। हिम्मत नहीं हारा। मुझे इंजीनियरिंग क्षेत्र में ही जाना है यह प्रण लिया था। -साक्ष्य, उदयगंज (99.716 पर्सेंटाइल)