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पीसीएस प्री परीक्षा ः खीरा काटने पर पानी क्यों निकलता है, सवाल बना चर्चा का विषय

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48 फीसदी ने दी पीसीए प्री परीक्षा। (फोटो ः प्रतीकात्मक) - फोटो : ??? ?????
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उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की रविवार को आयोजित पीसीएस प्री परीक्षा में प्रदेश की योजनाओं व इतिहास के काफी सवालों के साथ कुछ ऐसे भी सवाल पूछे गए जो अभ्यर्थियों के बीच चर्चा का विषय बन गए।
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इन्हीं में से एक सवाल था कि खीरा काटने पर पानी क्यों निकलता है। परीक्षा देकर निकले अभ्यर्थी इस सवाल को लेकर एक-दूसरे से चर्चा करते दिखे।
राजधानी में 107 केंद्रों पर दो पालियों में हुई परीक्षा में 48 फीसदी अभ्यर्थी शामिल हुए। परीक्षा में इस बार करेंट अफेयर्स के भी सवालों की संख्या ज्यादा थी।
परीक्षा में प्रदेश सरकार द्वारा युवाओं को टैबलेट देने की योजना का नाम, नीति आयोग द्वारा चलाई जा रही योजना से कवर यूपी के जिलों की संख्या, मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना की योग्यता, उत्तर प्रदेश स्वामी विवेकानंद ऐतिहासिक यात्रा योजना यूपी सरकार द्वारा किसके लिए शुरू की गई? आदि सवाल पूछे गए।
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परीक्षा देकर निकली अर्जिता मिश्रा ने बताया कि इस बार पेपर अपेक्षाकृत थोड़ा कठिन रहा है। हालांकि उत्तर प्रदेश से जुड़े काफी सवालों ने राहत दी। इतिहास से जुड़े कुछ सवाल थोड़ा घुमाकर पूछे गए थे।
वहीं रामानुज पांडेय ने बताया कि इस बार काफी सवाल ऐसे थे जिसमें फैक्ट को घुमाकर जानने की कोशिश की गई थी। पहले पेपर में राजनीति विज्ञान के व प्रदेश सरकार की योजनाओं व कार्यों से जुड़े काफी सवाल थे।
दूसरे पेपर सिविल सर्विसेज एप्टीट्यूट टेस्ट (सीसैट) में कंप्रेहेंसिव, हिंदी भाषा, अंग्रेजी भाषा, संप्रेषण योग्यता से सवाल थे। भाषा का पोर्सन आसान था, लेकिन रीजनिंग व गणित कठिन था। रीजनिंग में लॉजिक से जुड़े सवाल थे।
परीक्षा के नोडल अधिकारी एडीएम आपूर्ति आरडी पांडेय ने बताया कि दोनों पालियों में रजिस्टर्ड 110262 अभ्यर्थियों में 53672 अभ्यर्थी उपस्थित रहे।
नेशनल अवॉर्डी के चेहरे की जांच पर बहस
पीसीएस प्री परीक्षा में पारा के राम विहार कॉलोनी स्थित मानवता इंटर कॉलेज में परीक्षा देने आई नेशनल अवार्डी रेशम फातिमा के साथ अभद्रता के आरोप लगे हैं। केंद्र पर तैनात स्टाफ के अनुसार परीक्षा के दौरान आयोग के नियमों के अनुसार उनसे चेहरे पर ढका कपड़ा हटाने के लिए कहा गया तो इस पर बहस हुई। हालांकि काफी देर बाद भी जब वो इसके लिए तैयार नहीं हुईं तो उन्हें परीक्षा में शामिल होने दिया गया, लेकिन इसकी सूचना आयोग व पर्यवेक्षक को दी गई। इस बीच परीक्षा केंद्र पहुंचे परिजनों ने भी अभद्रता की बात कही। उनका कहना था कि रेशम एसिड पीड़िता हैं। उन्हें पीएम मोदी द्वारा भारत अवॉर्ड, पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव द्वारा रानी लक्ष्मीबाई वीरता पुरस्कार आदि अवॉर्ड भी दिए गए हैं। इसके बाद भी जांच के नाम पर परेशान किया जा रहा है। हालांकि, परीक्षा के नोडल अधिकारी एडीएम आपूर्ति आरडी पांडेय ने कहा कि अभ्यर्थी के साथ कोई दुर्व्यवहार नहीं किया गया। चेहरे की जांच आयोग के निर्देश पर कराई गई है। पारा इंस्पेक्टर राजेश कुमार ने कहा कि इस तरह की कोई शिकायत नहीं दर्ज कराई गई है।
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