नगर निगम 45 हजार करोड़ रुपये से शहर को संवारेगा। पुनरीक्षित सिटी डवलपमेंट प्लान (सीडीपी) तैयार है, इसे चर्चा के लिए नगर निगम के 19 सितंबर को होने वाले सदन में रखा जाएगा।
प्रस्ताव में 2040 तक विकास के 11 पॉइंटस तय किए गए हैं और इन्हीं बिंदुओं के आधार पर सीडीपी तैयार की गई है। इस काम को 19.20 लाख रुपये खर्च कर नोएडा की कंपनी मैसर्स सेनस इंडिया लिमिटेड ने किया।
कंपनी ने सुझाव दिया कि लखनऊ में वर्तमान और आने वाले समय में पेयजल आपूर्ति, सीवरेज सिस्टम, स्टार्म वाटर ड्रेनेज, नगरीय बस सेवा, सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट, मार्ग प्रकाश, नगरीय मार्ग जैसे विकास के कईकाम कराने होंगे। इसमें तीन चरण में निवेश भी स्थानीय निकाय को खुद या केंद्र सरकार की शहरी विकास केलिए राष्ट्रीय मिशन की योजना में करना होगा।
सदन में कूड़ा निस्तारण के लिए निजी कंपनी को दी जाने वाली टिपिंग फीस 562 रुपये प्रति मीट्रिक टन की दर से बढ़ाकर 1604 रुपये किया जाने का प्रस्ताव रखा जाएगा।
नगर निगम सदन में एक प्रस्ताव में पट्टे की जमीनों पर भवन निर्माण केलिए लोन लेने के लिए एनओसी का रास्ता खुलेगा। प्रस्ताव के मुताबिक, एल्डिको ग्रीन, सृजन बिहार कॉलोनी, समरबिहार कॉलोनी, आदिलनगर कर्मचारी आवास योजना में भवन निर्माण के लिए भूखंड लीज पर दिए गए हैं। पट्टाधारकों को भवन निर्माण के लिए लोन लेना होता है।
इसके अलावा आलमबाग में मेट्रो स्टेशन के लिए नगर निगम की जमीन लिया जाना प्रस्तावित है। नगर निगम अधिनियम के अनुसार यह फैसला सदन को करना होता है। नगर निगम की दो जगहों पर क्रमश: 362.74 वर्गमी और 456.07 वर्गमी जगह ली जानी है। कुल 821.07 वर्ग मी जगह के लिए एलएमआरसी को एनओसी देने का प्रस्ताव सदन में रखा जाएगा।